ड्रोन दीदी व सहायिका करेंगी कीटनाशक व उर्वरक का छिड़काव, मिलेगा प्रशिक्षण
17 का चयन पूर्ण शेष के लिए भी तैयारी तेज
महराजगंज। ग्रामीण क्षेत्र की एसएचजी (सेल्फ हेल्प ग्रुप) की आधी आबादी नमो ड्रोन से आत्मनिर्भर बनेगी। शासन की नमो ड्रोन योजना के तहत जिले में एक ड्रोन दीदी व एक सहायिका का चयन एनआरएलएम कर रहा है। योजना के तहत 12 ड्रोन दीदी व 12 सहायिका का चयन होना है। अब तक 12 ड्रोन दीदी और पांच सहायिका का चयन कर लिया गया है।
सदर ब्लॉक में दो वर्ष पहले ड्रोन दीदी बनकर बांसपार की कुंती ने लखपति दीदी का सफर तय किया। अब नमो ड्रोन योजना से जनपद के सभी ब्लॉकों में ड्रोन दीदी व एक सहायिका का चयन किया जा रहा है। इन्हें एनआरएलएम से न सिर्फ ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण मिलेगा बल्कि 80 फीसदी अनुदान पर ड्रोन उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी। राष्ट्रीय आजीविका मिशन की तरफ से 12 विकास खंडों के लिए 24 के सापेक्ष 17 का चयन पूरा हो चुका है। सात अन्य के चयन की प्रक्रिया भी इसी माह पूरी कर ली जाएगी।
प्रत्येक ड्रोन दीदी को 13 लाख का ड्रोन दिया जाएगा। इसमें से तीन लाख समूह की महिलाओं को और देना और शेष 10 लाख कृषि विभाग और एनआरएलएम की तरफ से सब्सिडी के रूप में मिलेगा।
आधुनिक होगा खेती का स्वरूप
सदर बीएमएम मनोज मौर्या ने बताया कि खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में जिले में ड्रोन दीदी योजना के तहत बड़ा कदम उठाया गया है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं ड्रोन के जरिये आमदनी कर सकेंगी। जिले में कुल 12 ड्रोन संचालित किए जाएंगे, जिन्हें किराये पर देकर महिलाएं रोजगार अर्जित करेंगी, वहीं किसानों को कम लागत में आधुनिक खेती की सुविधा मिलेगी। क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) के माध्यम से सदर में एक ड्रोन का संचालन कुंती देवी कर रही हैं। अब सभी ब्लॉक के लिए 12 नए ड्रोन सीएलएफ से खरीदे जाएंगे। इन सभी ड्रोन का संचालन स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी प्रशिक्षित महिलाओं के मार्फत किया जाएगा। गन्ना, सरसों, गेहूं, सब्जी सहित अन्य फसलों में ड्रोन से छिड़काव करने से समय और श्रम की बचत होगी।
चयनित महिलाओं को मिलेगा मानदेय
सदर ब्लाॅक मिशन प्रबंधक शेषनाथ मौर्या ने बताया कि नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत महिलाओं को ड्रोन संचालन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें मानदेय भी प्रदान किया जाएगा। योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने क्षेत्र की क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) में आवेदन कर सकती हैं। चयनित महिलाओं को ड्रोन संचालन, रखरखाव और सुरक्षा से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाओं को 80 फीसदी अनुदान पर ड्रोन सौंपे जाएंगे। योजना के तहत ड्रोन दीदी को मानदेय भी प्रदान किए जाने का प्रावधान है।
वर्जन
नमो ड्रोन दीदी योजना से 12 ड्रोन दीदी व 12 सहायिका का चयन प्रभावी है। अब तक 17 का चयन पूरा हो चुका है। महीने के अंत तक शेष का चयन भी पूर्ण करा लिया जाएगा।
-मो. जाकिर, उपायुक्त एनआरएलएम, महराजगंज