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Maharajganj News: स्वास्थ्य

Tue, 07 Feb 2023 12:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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दिल में सुराख वाले 10 बच्चों को माह से इलाज का इंतजार
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फोटो
जेएनयू मेडिकल कालेज अलीगढ़ में दिल की बीमारी से पीड़ित बच्चों एवं लखनऊ में कान नहीं सुनने वाले 10 बच्चों का होगा इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य मिशन के तहत आंगनबाड़ी व परिषदीय स्कूलों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण होता है। टीम की जांच रिपोर्ट में 10 बच्चे दिल में छेद वाले मिले हैं, तो 10 बच्चों को कान की सर्जरी की जरूरत है। करीब सितंबर माह से बच्चे इलाज के इंतजार में हैं। अभी तक नंबर नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल में संपर्क किया गया है।
जानकारी के अनुसार, जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने 24 जनवरी 2022 से दिसंबर 2022 में बच्चों की जांच की। जांच के दौरान बच्चों में कमी मिलने पर उनका पहले सीएचसी पर इलाज कराया गया, इसके बाद जिला अस्पताल में जांच कराई गई। सभी प्रक्रिया पूरी करते हुए 10 बच्चों को उच्च अस्पताल में ले जाने की जरूरत महसूस हुई तो उन्हें विभाग की तरफ से जेएनयू मेडिकल कालेज अलीगढ़ में हृदय रोग अनुभाग में ले जाकर इलाज कराया गया, इसके बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए कहा। वहीं 10 बच्चे अभी प्रतीक्षा सूची में हैं, उनका नंबर आने पर ऑपरेशन किया जाएगा। कान से नहीं सुनने वाले 10 बच्चों का लखनऊ में इलाज कराया जाएगा।
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जिले में स्वास्थ्य टीम ने परिषदीय स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच की गई। इसमें गंभीर बीमारी के बच्चों के इलाज के लिए लखनऊ व अलीगढ़ में व्यवस्था की गई है। जांच ठीक ढंग से करा दी गई है। नंबर आते ही ऑपरेशन कराया जाएगा। टीम बच्चों को निगरानी करने में जुटी है।
डॉ. नीना वर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी
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इन बच्चों को है दिल की बीमारी सिसवां ब्लॉक के आयुष, ऋषभ, अंशी, अदीप, शिवा, बहदुरी गांव की नित्या, कवलपूर की इकरा खातून, निचलौल की अनुष्का गोड़, और लक्ष्मीपुर के अंकुश को दिल की बीमारी है। यह सभी बच्चे ऑपरेशन होने का इंतजार कर रहे हैं।
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इन्हें है नहीं सुनने की बीमारी
लवकुश, रोशनी, आकृति, रूही, आरूसी, सिवानी, विजय, अदिबा, वकालत, अंगराज, पल्वी को सुनाई नहीं देता है। इनके कान का ऑपरेशन होगा।

भ्रमण कर चार लाख बच्चों का किया स्वास्थ्य परीक्षण
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले में टीम द्वारा जनवरी 2022 से दिसंबर तक कुल 44,5,773 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, इसमें 26,032 बच्चे बीमार मिले। 16,192 बच्चों का मौके पर ही उपचार किया गया। 9,840 बच्चों को सीएचसी, पीएचसी मेडिकल कालेज रेफर किया गया। 20 बच्चे गंभीर बीमारी के चिह्नित हैं, इनके ऑपरेशन की व्यवस्था हो चुकी है।
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दिल की बीमारी से पीड़ितों के इलाज पर दो से 2.50 लाख तक खर्च होता है। मुक बधिर के इलाज से चार पांच-लाख व्यय होता है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत निशुल्क इलाज कराया जाता है। टीम की ओर से बच्चों को बेहतर स्वस्थ्य सुविधा मुहैया करायी जाती है। मो. एमक्यू लारी, जिला प्रबंधक
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