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Maharajganj News: आठ एकड़ जमीन पर दावे कई, प्रशासन ने सुन्नी वक्फ ट्रिब्यूनल से मांगी रिपोर्ट

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निचलौल में भूमि नवैय्यत बदलकर हेराफेरी के आरोप पर जांच शुरू
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महराजगंज। निचलौल नगर पंचायत के पाश इलाके में आठ एकड़ से अधिक की जमीन की मालकियत को लेकर विवाद पैदा हो गया है। आरोप है कि उक्त जमीन इमामबाड़ा गोरखपुर मिया बाजार के सैय्यद अदनान फारुख अली शाह के अधिकार क्षेत्र में थी जिसे तैनात मुतवल्ली (केयरटेकर) ने अभिलेखीय हेरफेर व देखरेख (जोताई-बोआई) का रिकॉर्ड दिखाकर नाम चढ़वा लिया।
शिकायत पर प्रशासन ने पूरे प्रकरण को सुन्नी वक्फ ट्रिब्यूनल को भेजकर रिपोर्ट मांगी है। प्रदेश में वक्फ संपत्तियों को सूचीबद्ध कर राष्ट्रीय पोर्टल उम्मीद पर अपलोड कराया गया है। वक्फ संशोधन 2025 के बाद शासन ने इसके लिए 5 जून 2026 की समयसीमा तय कर रखी थी जो बीते दिनों पूरी हुई। संपत्तियों का ब्यौरा दर्ज होने के बाद ऐसी संपत्तियां चर्चा में हैं जो कभी वक्फ मिल्कियत थी, लेकिन अभिलेखों में हेरफेर कर दूसरे लोगों के नाम चढ़ गयी जिनकी बिक्री भी हो गई। ऐसे मामले राष्ट्रीय पोर्टल उम्मीद से पकड़ में आई है। शिकायत है कि वक्फ संख्या 67 की जमीन के नामांतरण में हेरफेर किया गया है। इस जमीन के आसपास बनी लगभग 50 दुकाने वक्फ की भूमि पर बनी है जिसके किराए की रसीद आज भी इमामबाड़ा गोरखपुर मियां बाजार से ही दी जाती है।
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250 वक्फ संपत्तियों में हेरफेर की आशंका

जनपद में वक्फ संशोधन 2025 से पहले सुन्नी वक्फ बोर्ड की कुल 585 संपत्तियां थीं इसमें ईदगाह, मस्जिद, कब्रिस्तान व अन्य शामिल थे। शिया वक्फ बोर्ड की जनपद में कोई संपत्ति नहीं थी। 5 जून 2026 तक उम्मीद पोर्टल पर 301 संपत्तियों का रिकॉर्ड दर्ज हुआ और 23 अन्य वक्फ संपत्तियों को दोबारा अपलोड करने का समय दिया गया। इस तरह 324 संपत्तियों का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है लेकिन 250 से अधिक संपत्तियां का ब्यौरा ऑनलाइन दर्ज नहीं किया गया।

वर्जन

मामला संज्ञान में आया है। जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराकर रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद सभी संबंधित दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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- अनिल ढींगरा, कमिश्नर, गोरखपुर मंडल

निचलौल तहसील की कुछ जमीन वक्फ की बताई जाती है जो कि गोरखपुर इमामबाड़ा के दखल में हैं। इनमें से कुछ जमीनें फर्जी अभिलेखों के सहारे मुतवल्ली के नाम दर्ज हो गई हैं। शिकायती पत्र मिला है इसे सुन्नी वक्फ ट्रिब्यूनल को विभागीय आख्या के साथ भेज दिया गया है। निर्देश के मुताबिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

-तन्मय पांडेय, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, महराजगंज।



निचलौल में मेरी निजी जमीन है, वक्फ की जमीन पर मदरसे का संचालन होता है। जमीनों का कागजात मेरे पास उपलब्ध है।
-सैय्यद अदनान फारुख अली शाह, पूर्व गद्दीनशीं-इमामबाड़ा एस्टेट
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