जिला अस्पताल के सामने महिला का शव रख कर जाम लगाते परिजन।
महराजगंज। जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार रात इलाज के दौरान प्रसूता की मौत हो गई। इससे परिजन भड़क उठे और अस्पताल में हंगामा करते हुए शव को एनएच 730 गोरखपुर-सोनौली हाईवे पर रख जाम लगा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर एक घंटे के बाद जाम खुलवाया।
जानकारी के मुताबिक, निचलौल क्षेत्र के गांव कोहडवल के टोला सिसवाडीह निवासी विवेकानंद यादव की पत्नी ममता यादव गर्भवती थीं। बृहस्पतिवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुआ तो परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल में भर्ती कराया। दोपहर में ममता ने बेटे को जन्म दिया। प्रसव के काफी देर बाद भी रक्तस्राव होता रहा। इससे उनकी हालत बिगड़ गई।
डॉक्टरों ने ममता को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में ममता की आधी रात में इलाज के दौरान मौत हो गई। ममता के पिता रामकुंवर यादव ने बिलखते हुए बताया की एक पुरुष और दो महिला स्वास्थ्य कर्मी बेटी का इलाज कर रहे थे। अस्पताल में इलाज के दौरान उन्हें बेटी के पास नहीं जाने दिया जा रहा था।
बेटी की हालात पूछने पर स्वास्थ्य कर्मी सुधार होने की बात कह रहे थे। रात करीब 11.40 बजे स्वास्थ कर्मियों ने उन्हें बताया कि ममता की मौत हो गई। फिर कुछ देर बाद इसकी जानकारी अन्य परिजनों को दी।
ममता की मौत के बाद परिजन आक्रोशित होकर अस्पताल में हंगामा करने लगे। परिजनों ने इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। ममता की दो वर्ष पहले शादी हुई थी। घटना के बाद से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया था। इस संबंध में सदर कोतवाली थाना प्रभारी राहुल शुक्ला ने बताया की मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है।
अस्पताल में इलाज के दौरान कोई लापरवाही नहीं हुई। भर्ती होने के बाद त्वरित इलाज किया गया। फिर भी मामले की जांच की जाएगी। अगर कहीं लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. एपी भार्गव, सीएमएस