पिता के जीवित रहते मां ने दी बेटे को मुखाग्नि
छह सितंबर को बड़हरा चरगहा गांव का मामला, चर्चा का विषय बना
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। कोठीभार थाना क्षेत्र के बड़हरा चरगहा के मोती टोला की रहने वाली एक महिला पति के जीवित रहते ही मृत बेटे को लेकर श्मशान घाट पहुंची। वहां बेटे को मुखाग्नि दी। इसकी चर्चा आसपास के इलाकों में देर शाम तक होती रही। मामला बीते छह सितंबर का है।
बड़हरा चरगहा के मोती टोला की रहने वाली रीता ने बताया कि दो दशक पहले उनकी शादी ईश्वर चौहान से हुई थी। दोनों से चार संतानें दिलीप, संगीता, सीमा व रीमा ने जन्म लिया। उसके कुछ दिन बाद पति ईश्वर पत्नी रीता और चारों बच्चों को छोड़कर अलग रहने लगे। रीता ने बताया कि बड़ा बेटा दिलीप (17) दिव्यांग था। उसकी तबीयत काफी दिनों से खराब थी। इसके चलते शनिवार की रात को मौत हो गई। उसके बाद रीता ग्रामीणों के सहयोग से मृतक बेटे दिलीप के शव के दाह संस्कार के लिए गांव से सटे गंडक नहर घाट पर पहुंचीं। यहां पर पूरे विधि-विधान से दिलीप के शव को मुखाग्नि दीं। वहीं, पिता के रहते मां को मुखाग्नि देते देखकर श्मशान घाट पर लोगों की आंखें नम हो गईं।