महराजगंज। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और पारदर्शी व सुचारु बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से बेहतर व्यवस्था बनाई जा रही है।शासन के निर्देश पर जिले की 44 ग्राम पंचायतों में मॉडल अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण पंचायत विभाग के माध्यम से कराया जाएगा। प्रत्येक अन्नपूर्णा भवन के निर्माण पर 8 लाख 46 हजार 245 रुपये की लागत आएगी।
जानकारी के अनुसार, जिले में कुल 882 ग्राम पंचायतें हैं, जबकि 1024 उचित दर की दुकानें संचालित हो रही हैं। बीते वर्ष जिले में 79 मॉडल अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण कराया गया था, जहां से कोटेदारों द्वारा राशन कार्ड धारकों को नियमित रूप से राशन वितरण किया जा रहा है। इन भवनों के सफल संचालन के बाद अब शासन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 44 और ग्राम पंचायतों में मॉडल अन्नपूर्णा भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की है। शासन की ओर से माडल अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण कुल 1 करोड़ 86 लाख 24 हजार 900 रुपये की वित्तीय मंजूरी दी जा चुकी है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के निर्देश पर प्रत्येक चयनित ग्राम पंचायत को पहली किश्त के रूप में 4 लाख 23 हजार 293 रुपये की धनराशि हस्तांतरित कर दी गई है। पंचायत विभाग के अधिकारियों के अनुसार, निर्धारित मानकों के अनुरूप भवनों का निर्माण कराया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या न उत्पन्न हो। अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में राशन वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अभी तक कई गांवों में उचित दर विक्रेता अपने निजी आवास या अस्थायी स्थानों से राशन वितरण करते थे, जिससे कई बार कार्ड धारकों को असुविधा होती थी। सार्वजनिक भवन न होने के कारण गांव की राजनीति और आपसी रंजिश भी वितरण व्यवस्था को प्रभावित करती थी। कई परिवार ऐसे भी थे जो सामाजिक कारणों से कोटेदार के घर जाने से कतराते थे। पंचायत विभाग का कहना है कि इन मॉडल अन्नपूर्णा भवनों में राशन वितरण के साथ-साथ अन्य बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। भवन का निर्माण इस तरह किया जाएगा कि वहां खाद्यान्न का सुरक्षित भंडारण हो सके और वितरण के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। साथ ही, बारिश या धूप के मौसम में भी कार्डधारकों को परेशानी न उठानी पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।
मॉडल अन्नपूर्णा भवनों का यह नया चरण जिले में खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे न केवल ग्रामीणों की सुविधाएं बढ़ेंगी, बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में विश्वास और पारदर्शिता भी और अधिक सुदृढ़ होगी।
श्रेया मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी
निर्माण कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए शासन स्तर से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित ग्राम पंचायत सचिव द्वारा अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण में होने वाले व्यय का पूर्ण विवरण रखा जाएगा। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद सभी बिल-बाउचर को उपभोग प्रमाण पत्र के साथ सत्यापित करते हुए उसकी प्रमाणित छाया प्रति जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से जिला पूर्ति अधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी।
संतोष कुमार शर्मा, जिलाधिकारी