महराजगंज। रविवार की सुबह कोहरा तो घना नहीं था, लेकिन हवा और बादलों के आने जाने के कारण खिली धूप कमजोर पड़ गई। हवा की गति 5 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली, जिसके कारण न्यूनतम पारा 6 डिग्री और अधिकतम 21 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। पारा लुढ़कने का क्रम देख किसान पाला की आशंका व्यक्त करते हुए उपाय में जुटे हैं।
दिसंबर के पहले पखवाड़े में ही मौसम का असर साफ दिखने लगा है। दीपावली के बाद ठंड का सिलसिला शुरू हुआ था, लेकिन यह सिर्फ सुबह शाम ही महसूस होती थी। बाकी समय गर्मी महसूस होने के चलते लोग पंखे का उपयोग कर लेते थे। दोपहर के समय धूप तेज होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न होती थी, लेकिन दिसंबर शुरू होते ही ठंड का दायरा सुबह शाम की जगह रात में भी प्रभावी हुई तो अब दोपहर को भी ठंड असर दिखा रहा है।
रविवार का दिन होने के चलते लोग पार्कों में धूप सेंकने तो जरूर पहुंचे, लेकिन उन्हें धूप की गर्मी के साथ ठंडी हवा ने परेशान किया। जवाहर लाल नेहरू पीजी काॅलेज के भूगोल विभागाध्यक्ष दिवाकर सिंह ने कहा कि आने वाले दिनों में बादलों की अधिकता के चलते धूप कमजोर ही रहने वाली है। वहीं कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क रहने के लिए कहा है।
उप कृषि निदेशक वीरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि तापमान निरंतर घटने से पाला पड़ने का खतरा बढ़ा है। सब्जियों पर खतरा अधिक रहता है। इसलिए सब्जियों में हल्की सिंचाई दो से तीन दिन में जरूर करें। आलू की सुरक्षा के लिए पौधों के इर्द-गिर्द पराली बिछा दें।