दूध, घी, अनाज से सुधारी जाएगी बच्चों-महिलाओं की सेहत
गर्भवती, धात्री महिलाओं और किशोरियों को मिलेगा 450 ग्राम देसी घी और अनाज
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा संचालित 3131 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों, गर्भवती, धात्री महिलाओं और किशोरियों को राशन के साथ ही दूध और घी भी दिया जाएगा। फरवरी में करीब तीन लाख आठ हजार के लाभार्थियों को तीन महीने का एक साथ दूध और घी देने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
जिले में अधिकांश गरीब तबके के लोग गुजर-बसर करते हैं। खान-पान ठीक न होने के कारण गरीबों के बच्चे, महिलाओं और किशोरियां शारीरिक रूप से काफी कमजोर हो जाती हैं। सेहत सुधारने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों को दिए जा रहे, अनुपूरक पोषाहार के स्थान पर अब सूखा राशन में गेहूं, दाल, चावल, देसी घी, मिल्क पाउडर वितरित करने का निर्देश दिया है। गर्भवती, धात्री महिलाओं और 11 से 14 वर्ष की किशोरियों को प्रतिमाह दो किलो गेहूं, एक किलो चावल, 750 ग्राम दाल और तिमाही 450 ग्राम घी, 750 ग्राम मिल्क पाउडर उपलब्ध कराना है। वहीं 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को प्रतिमाह 1.5 किलो गेहूं, एक किलो दाल, 450 ग्राम दाल और तिमाही 450 ग्राम देसी घी, 400 ग्राम मिल्क पाउडर भी देना है। अति कुपोषित बच्चों को प्रतिमाह ढाई किलो गेहूं, डेढ़ किलो चावल, 500 ग्राम दाल, और तिमाही 900 ग्राम देसी घी, 750 ग्राम मिल्क पाउडर पोषाहार के रूप में वितरित किया जाना है। फरवरी में आंगनबाड़ी केंद्र तक भी पहुंच चुका है। यह जानकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र राय ने दी। उन्होंने बताया कि शासन की मंशा अनुसार लाभार्थियों को दूध और घी का वितरण करने की दिशा में तेजी से कार्य शुरू कर दिया है।
699 जगहों पर लगेगी पोषण वाटिका
जिले में अब तक 743 पोषण वाटिका बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से लगाई गई है। 699 जगहों पर पोषण वाटिका लगाने के लिए जगह भी चिह्नित की जा चुकी है।