महराजगंज। जनपद में निवेश समझौते के बाद भी इकाइयों के धरातल पर उतरने की रफ्तार धीमी है। इसके कारण स्थानीय स्तर पर रोजगार की उपलब्धता का ग्राफ निवेश सार्थकता के लिहाज से नीचे है।
जनपद में निवेश के लिए एमओयू (समझौता पत्र) साइन करने वाले ज्यादातर निवेशक नियमों के मकड़जाल में ही उलझे हैं। अलग-अलग विभागों की एनओसी, जमीन और बैंकों के चक्कर में उद्यमी अपने प्रोजेक्ट को धरातल पर नहीं उतार पा रहे। स्थिति यह है कि दो वर्ष बीतने के बाद जनपद में सिर्फ 79 इकाइयां ही अबतक धरातल पर उतरकर 516.57 करोड़ रुपये का निवेश कर सकी हैं।
जबकि 2383.87 करोड़ रुपये के 223 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए थे।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 की 40 इकाइयां जिनका 198.15 करोड़ रुपये के निवेश की सहमति है वह अभी स्थापनारत हैं। इनमें वन, पर्यटन, पशुपालन, गुड़ चीनी से जुड़े उद्योग शामिल हैं।ा