संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। वाहनों का प्रदूषण प्रमाण पत्र बनवाना नए साल से महंगा हो जाएगा। पहली जनवरी से प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की तैयारी है। ऐसे में पेट्रोल दोपहिया पर 10 रुपये का चार्ज और डीजल व सीएनजी पर 20 रुपये अधिक देने होंगे।
परिवहन विभाग की ओर से शासन को प्रदूषण जांच में शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है जिसे अनुमोदन उपरांत लागू करने की तैयारी है। 2023 में सभी वाहनों के प्रदूषण जांच दरों में पांच रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। प्रदूषण जांच पहले केंद्र पर लगे कैमरे की मदद से होती थी, लेकिन अप्रैल से पीयूसीसी 2.0 एप की मदद से सर्टिफिकेट बनाने का नियम प्रभावी है। इस एप की मदद से वाहन के आगे व पीछे से पांच फोटो व 5 सेकेंड का वीडियो अपलोड होता है। इसके बाद उत्सर्जन यंत्र के जरिए निकलने वाले वाहन धुएं से कार्बन मोनोऑक्साइड व हाइड्रोकार्बन सहित अन्य प्रदूषकों के प्रतिशत का आकलन होता है। इस प्रक्रिया के पूर्ण करने के बाद एप प्रमाणपत्र निर्गत करता है। जिले में सात प्रदूषण जांच केंद्र संचालित हैं और सभी जगह इसी तरह से जांच की जाती है। पेट्रोल बाइक के लिए प्रदूषण जांच जो अभी 120 रुपये में होती थी वह जनवरी से 130 रुपये में होगी। वहीं डीजल तीन पहिया और चार पहिया शुल्क 160 से बढ़कर 190 तक होगा। इसी तरह सीएनजी चलित वाहनों का चार्ज भी बढ़ाया जाएगा। साथ ही बीएस 6 माॅडल के वाहनों के प्रदूषण जांच के शुल्क में इजाफा होगा। प्रदूषण जांच केंद्र के आंकड़ों को देखें तो हर महीने सभी केंद्रों से औसतन चार हजार तक प्रमाण पत्र जारी होते हैं।
परिवहन विभाग ने मूल्य बढ़ोतरी का प्रस्ताव प्रदूषण जांच के लिए भेजा है। यह अनुमोदित शीघ्र हो जाएगा क्योंकि नई व्यवस्था से सर्टिफिकेट जारी करने की व्यवस्था शुरू करने के समय चार्ज नहीं बढ़ाया गया था। अनुमोदन के बाद जनवरी से नया रेट प्रभावी करने की तैयारी है।
- आरडी प्रसाद वर्मा, संभागीय निरीक्षक