महराजगंज। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में बीते दो दिनों से हो रही लगातार बारिश का असर अब भारत के सीमावर्ती क्षेत्र में नजर आने लगा है। जिले की नदियों में जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। महाव नाला इस समय खतरे के निशान से दो फीट ऊपर बह रहा है, जबकि प्यास और चंदन नदियां भी खतरे के निशान तक पहुंच चुकी हैं। गंडक खतरे के निशान से दो मीटर नीचे बह रही है। सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बीते 24 घंटे में जिले में 70 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जिससे इस मानसून में कुल वर्षा 306 मिमी हो चुकी है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक नेपाल के वाल्मीकि नगर स्थित गंडक बैराज पर जलस्तर 107.38 मीटर दर्ज किया गया है जो खतरे के निशान से दो मीटर नीचे है। यहां से वर्तमान में 1,42,100 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है। जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। रोहिन का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। त्रिमुहानी घाट पर जलस्तर 78.72 मीटर दर्ज किया गया है। वहीं रतनपुर स्थित रोहिन बैराज से मात्र 500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। महाव नाला 7.5 फीट पर बह रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है। प्यास नदी भी 102.00 मीटर के जलस्तर पर बह रही है। यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो स्थिति गंभीर हो सकती है। राप्ती नदी रिगौली पर 76.10 मीटर पर बह रही है।
वहीं भौराबारी घाट पर जलस्तर शून्य दर्ज किया गया है, जिससे वहां फिलहाल कोई खतरा नहीं है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष की ओर से जानकारी दी गई है कि नेपाल और भारत के सीमावर्ती इलाकों में बने सभी तटबंध अभी सुरक्षित हैं और स्थिति पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।
जलस्तर की वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया है और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नजर रखी जा रही है।