महराजगंज। जिले में कुत्तों और बंदरों का आतंक दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। आए दिन कुत्ते और बंदर किसी न किसी को अपना शिकार बना रहे हैं। जिले के कई इलाके में ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही है।
जिला अस्पताल में बीते तीन माह में एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) के आंकड़ों पर नजर डालें तो बंद और कुत्तों के काटने से 1411 लोगों को इंजेक्शन लगाया जा चुका है। यह संख्या बढ़ती जा रही है।
डॉक्टरों के अनुसार, गर्मी के मौसम में भोजन और पानी की कमी के चलते कुत्ते और बंदर अधिक आक्रामक हो रहे हैं। यही कारण है कि एआरवी लगवाने वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। एक जनवरी से लेकर जून माह तक 18720 लोगों को कुत्ते और बंदरों ने काटकर घायल किया है। इसमें 15,726 लोगों को एआरवी का इंजेक्शन लगा है। जिले में कुत्तों और बंदरों का आतंक बेहद बढ़ गया है। बंदर और कुत्ते हिंसक होकर लगातार लोगों को जख्मी कर रहे हैं । कुत्तों के काटने से आए पीड़ितों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।
हालत यह है कि जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने के लिए लोगों की सुबह से ही भीड़ लग जाती है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न गांवों और विभिन्न नगर पंचायतों के वार्डों में एक जनवरी से लेकर जून माह तक 18720 लोगों को कुत्तों और बंदरों के काटने की पुष्टि हुई है।
इसमें 15,726 लोगों को एआरवी का इंजेक्शन लग चुका है, लेकिन हल्की फुल्की लगी चोटें के कारण 1994 लोगों को इंजेक्शन नहीं लगा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि 4151 लोगों को इंजेक्शन की चारों डोज लगाई जा चुकी है।
ग्रामीण धीरज कुमार, बबलू, संजू, सरिता, मालती का कहना है कि हर दिन कुत्तों के काटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी और पीएचसी में हर दिन कुत्तों के काटने से घायल लोग एआरवी लगवाने पहुंच रहे हैं।