महराजगंज। नेपाल में हो रही बारिश का असर भारतीय क्षेत्र की नदियों में धीरे-धीरे दिख रहा है। महाव नाला बीते दिन दो फीट खतरे के निशान के ऊपर था तो मंगलवार को खतरे के निशान से पांच फीट ऊपर रहा।
इसमें तीन फीट की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं गंडक खतरे के निशान से दो फीट नीचे है। प्यास खतरे के निशान पर है। सिंचाई विभाग कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार, बीते दिन रोहिन नदी भौराबारी में नील रही। मंगलवार को यह खतरे के निशान से तीन मीटर नीचे रही। रोहिन त्रिमुहानी घाट पर दो मीटर खतरे के निशान से नीचे रही। चंदन खतरे के निशान के बेहद करीब है। वहीं प्यास नदी भी खतरे के निशान पर बह रही है।
नदियों में घटते बढ़ते जलस्तर से कटान शुरू हो गया। वहीं दूसरी ओर बंधों की सुरक्षा को लेकर विभाग की ओर से निगरानी बढ़ा दी गई है। सिंचाई विभाग खंड द्वितीय के जेई रविन्द्र यादव ने कहा की पहाड़ों पर बारिश की वजह से नदी का जलस्तर बढ़ रहा था, लेकिन दोपहर बाद से कई घंटों तक ठप रहा।
नदी के बी गैप, ए गैप, नेपाल और लिंक बांध पर भी बढ़ते जलस्तर का कोई असर नहीं पड़ने वाला है। क्योंकि इस वर्ष पहाड़ों पर बारिश होने से पहले ही बांधों की मरम्मत का कार्य मुकम्मल कर लिया गया था। नदी के बांध से सटे लोगों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। परसामलिक प्रतिनिधि के अनुसार, नेपाल के पहाड़ी क्षेत्र में बारिश होने के कारण बघेला नाले में जल स्तर बढ़ गया है।