नौतनवां विकास खंड के परसामलिक व बरगदवा क्षेत्र से होकर बहने वाले महाव नाले का पूर्वी तटबंध देवघट्टी गांव के सामने सोमवार शाम चार बजे करीब 30 मीटर विश्वंभर रौनियार के खेत के सामने टूट गया। तटबंध टूटने से देवघट्टी, हरखपुरा, हरपुर, अमहवा, नरायनपुर सहित अन्य गांव के किसानों की धान की सैकड़ों एकड़ डूब गई है।
नेपाल में पहाड़ों पर हो रही बारिश से रविवार देर शाम से ही महाव नाला उफान पर था। तटबंध पर दबाव से नाला देवघट्टी गांव के सामने टूट गया। क्षेत्र के किसान रामनाथ साहनी, जयहिंद वर्मा, पारस यादव, रामसमुझ, अवधेश ने कहा कि महाव की सफाई के नाम पर हर साल खानापूरी की जाती है। यही कारण है कि हर साल पानी का दबाव बढ़ने पर तटबंध टूट जाता है, जिससे फसल बर्बाद हो जाती है। इस वर्ष भी ऐसा ही हुआ है।
महंगाई के इस दौर में किसी तरह से धान की रोपाई की गई। फसल कुछ ठीक हुई तो जलभराव हो गया। अगर अधिक दिनों तक जलभराव रहा तो फसल बेकार हो जाएगी। खेत में लगी पूंजी इस बार भी बर्बाद होने की संभावना प्रबल हो गई है।