पिता अस्पताल में भर्ती, बेटे का उठा जनाजा
चौक बाजार थाना क्षेत्र के करौता गांव के रहने वाले देवेश चौधरी की दुर्घटना में मौत की खबर सुनकर हर कोई फफक पड़ा। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। उधर, पिता अस्पताल में भर्ती हैं, इधर बेटे का जनजा उठा। यह देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। अमहवा गांव के पास बुधवार को हुई दुर्घटना से करौता गांव के देवेश के घर दुख का पहाड़ टूट पड़ा।
देवेश अपने बीमार पिता रामेश्वर को लखनऊ इलाज कराने ले गए थे। उनको हृदय रोग है। वहां से इलाज कराने के बाद ट्रेन से फरेंदा स्टेशन उतरकर पिता पुत्र दोनों मैजिक में सवार होकर अपने घर के लिए निकले। रास्ते में हुई दुर्घटना में पिता पुत्र दोनों घायल हो गए। एक तो पहले से पिता का इलाज हो रहा था, फिर दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के सदमे को बेटा देवेश बर्दाश्त नहीं कर सका। पिता पुत्र दोनों जिंदगी मौत से जूझ रहे थे। पिता को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, उधर बेटे की मौत हो गई। देवेश की मौत की सूचना उसके पिता को नहीं दी गई है।
हृदय रोगी होने के कारण इसकी जानकारी उनको लोगों ने नहीं दी। इस घटना ने क्षेत्रवासियों को झकझोकर रख दिया है। हर कोई परिजनों का ढांढस बधाने में जुटा है। देवेश दो भाइयों में बड़ा था। वह निचलौल स्थित एक प्राइवेट महाविद्यालय में पढ़ाता था। पत्नी रुक्मिणी का रो-रो कर बुरा हाल है। मृतक की दो बेटियां तथा एक बेटा है। बड़ी बेटी अपर्णा (8) है। अदिति (6) तथा छोटा बेटा ऋषभ चार साल का है।