निचलौल। ब्लॉक क्षेत्र के सोहगीबरवा में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर ग्रामीण तीसरे दिन बृहस्पतिवार को भी धरना-प्रदर्शन पर बैठे है। इस दौरान धरना प्रदर्शन पर बैठे ग्रामीणों के समर्थन में मदरसे के बच्चे भी उतर गए।
ग्रामीणों की मांग पूरा करने के लिए बच्चे भी पूरे दिन धरना-प्रदर्शन पर बैठे रहे। हालांकि तीसरे दिन धरना स्थल पर किसी भी विभाग के जिम्मेदार नहीं पहुंचे। जिसके चलते ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ते देखा गया।
सोहगीबरवा गांव के बाजार स्थित एक भवन पर धरना प्रदर्शन के लिए बैठे लोरिक सहानी, सुदामा कुशवाहा, बिहारी जायसवाल, साकिर, भूपेंद्र यादव, श्रवण भगत, डॉ. सुभाष यादव, गोपाल आदि ने कहा कि निचलौल ब्लॉक क्षेत्र के गांव सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोतहा नारायणी नदी और घने जंगलों के बीच घिरा हुआ है। इतना ही नहीं यहां पर बड़े पैमाने पर मुसहर समुदाय के लोग निवास करते है।
बरसात के दिनों में यहां के लोग करीब चार माह तक घरों में कैद रहने के लिए मजबूर रहते है।
आजादी के बाद से आज तक वह लोग बेहतर सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य सुविधाएं के लिए भटक रहे है। धरना-प्रदर्शन के समर्थन में तीसरे दिन सोहगीबरवा स्थित एक मदरसा के बच्चे मौलाना अनवर की मौजूदगी में मांगों को पूरा करने के लिए अड़े रहे।
इन लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि तीन दिनों से धरना चल रहा है, लेकिन कोई उच्चाधिकारी उन लोगों की समस्याओं का सुध लेने के लिए अभी तक नहीं पहुंचा। उन लोगों की मांग जब तक पूरा नहीं होगा, तब तक वह लोग धरना प्रदर्शन पर डटे रहेंगे।