नौतनवा। नगर स्थित पड़ाव में रामलीला कमेटी की ओर से रामलीला प्रस्तुतिकरण के दौरान बृहस्पतिवार की रात कलाकारों ने नारद मोह की प्रस्तुति की। कमेटी के अध्यक्ष लालमन जायसवाल एवं संरक्षक राजाराम जायसवाल ने भगवान विष्णु व गणेश की आरती की। इसके बाद कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
मथुरा एवं वृंदावन से आए कलाकारों ने मंचन करते हुए दिखाया कि देव ऋषि नारद की तपस्या से स्वर्ग लोक में इंद्र का सिंहासन डोलने लगता है। भयभीत इंद्र उनकी तपस्या भंग करने के लिए कामदेव को अप्सराओं के साथ भेजते हैं लेकिन अनेक प्रयासों के बावजूद नारद जी की तपस्या भंग नहीं होती। कामदेव पर विजय प्राप्त कर लेने से नारद के मन में अभिमान पैदा हो जाता है। भगवान विष्णु अपने परम भक्त के अहंकार को दूर करने के लिए लीला रचते हैं। विश्व मोहिनी की सुंदरता पर मोहित होकर नारद भगवान विष्णु से सुंदर रूप मांगते हैं लेकिन विष्णु उन्हें बंदर का रूप दे देते हैं। इससे नारद मुनि को स्वयंवर में मजाक का पात्र बनना पड़ता है।