सिसवा बाजार। गुड फ्राइडे का दिन ईसाई धर्म के लोगों के लिए खास होता है। ईसा मसीह यानि यीशु के क्रूस पर चढ़ने और उनकी मृत्यु की याद में मनाया जाता है। शुक्रवार को सेंट एंड्रयूज चर्च में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन कर प्रभु यीशु के मानव जीवन के उत्थान के लिए दिए गए बलिदान को याद किया गया।
कस्बे के बिंदवलिया में स्थित सेंट एंड्रयूज चर्च के पास्टर आदम योहान्ना ने बताया कि गुड फ्राइडे का मतलब पवित्र शुक्रवार है जिसे ईसा मसीह के मृत्यु दिवस के तौर पर मनाया जाता है। ईसाई धर्म के अनुयाइयों का मानना है कि प्रभु यीशु ने इंसानों की भलाई के लिए ही अपनी जान कुरबान की थी। गुड फ्राइडे के इतिहास की बात करें तो माना जाता है कि कुछ धर्मगुरुओं ने रोम के शासक पिलातुस से शिकायत कर दी थी कि यीशु अपने आप को खुदा का पुत्र बता रहा है। लोग ये बात सुनकर ईसा मसीह को खुदा मानने लगे, जिससे सभी धर्म गुरु चिढ़ गए। रोम के शासक से शिकायत करने के बाद ईसा मसीह पर राजद्रोह का आरोप लगाया गया और उन्हें मौत का फरमान सुनाया गया और उन्हें कीलों की मदद से सूली पर चढ़ा दिया गया था। यीशु को यहूदी शासकों ने शारीरिक और मानसिक रूप से कई यातनाएं दीं। सदियों से ईसाई धर्म के लोग गुड फ्राइडे को शोक दिवस के रूप में मनाते हैं। इस दौरान राहुल राय, जुली पॉल, पंकज, रानू, काजल, शारोन आदम, महिमा आदम, ग्रेस आदम मौजूद रहे।