महराजगंज। सदर कोतवाली सदर क्षेत्र के पकड़ी जंगल में वर्ष 2016 में छह बच्चों की मां जूली की सिर कटी लाश मिली थी। मृत जूली के पति सुखतार को दोषी पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) पवन कुमार श्रीवास्तव ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 25000 रुपये अर्थ दंड से दंडित भी किया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सर्वेश्वर मणि त्रिपाठी ने बताया कि वादी मुकदमा रहमत निवासी खुटहां बाजार डेरा टोला, थाना पनियरा ने प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मेरी पुत्री जूली की हत्या हो गई। दामाद बेटी को मारता पीटता था। 12 जुलाई 2016 को मेरी पुत्री जूली को उसका पति सूखतार लकड़ी बीनने के बहाने पकड़ी जंगल में ले गया और बकुआ से काटकर सिर को गर्दन से अलग कर दिया था।
लाश को बेतों की झाड़ियां के बीच छुपा दिया। केस दर्ज होने के न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल हुआ। न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य एवं सबूत के आधार पर अपने 33 विस्तृत फैसले में यह सजा सुनाई है। संवाद