महराजगंज। ससुर की हत्या में घुघली क्षेत्र के नंदना टोला हरपुर निवासी बहू व उसके प्रेमी को दोषी मिलने पर न्यायालय अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक पवन कुमार श्रीवास्तव ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
अभियोजन के अनुसार, घुघली थाना क्षेत्र के नंदना टोला निवासी पन्ने लाल पुत्र रामाश्रय शर्मा ने थाने में दी तहरीर में बताया कि मेरे बाबा रामदेनी ने बैंक लोन लिया था। इसके चलते 18 मई 2005 को अपनी कुछ जमीन गांव के राजपति को बैनामा करने गए थे। उनके साथ पिता रामाश्रय व बड़े भाई मुन्ना शर्मा भी साथ में थे। चाचा छेदी के विरोध के कारण बैनामा नहीं हो सका।
मेरे पिता और भाई महराजगंज में ही बहन के घर पर रुक गए। बाबा को दिनेश व उमेश इक पर बैठाकर घर लेकर आए और छोड़कर चले गए। तभी भूमि विवाद को लेकर चाची सुरसती देवी पत्नी छेदी शर्मा व प्रेमी कोदई पुत्र सीताराम केवट ने बाबा को पकड़कर अपने घर की ओ ले जाने लगे। मैंने विरोध के बाद भी लेकर चले गए। अपने घर के सामने ले जाकर बाबा को पटककर चाची सुरसती और कोदई ने शाम सात बजे गड़ासी से गला काटकर हत्या कर दी।
मामले में स्थानीय थाने में केस दर्ज होने के उपरांत विवेचना के उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। गवाही कराने के उपरांत अभियुक्तगण को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की। जिसपर न्यायालय द्वारा न्यायालय अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक महराजगंज पवन कुमार श्रीवास्तव ने सुरसती देवी पत्नी छेदी शर्मा व कोदई उर्फ सुदामा केवट निवासी ग्राम नंदना टोला हरपुर थाना घुघली को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।