निचलौल। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के अंतर्गत निचलौल वन रेंज के जंगल से महज कुछ दूरी पर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बजही में रविवार को तेंदुए के पदचिह्न दिखे। इससे अस्पताल परिसर में निवास करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से तेंदुआ अस्पताल परिसर में रात के समय चहलकदमी करते देखा जा रहा है।
अस्पताल परिसर में निवास करने वाले एएनएम रश्मि सिंह और मंजू मौर्या ने बताया कि उनका सरकारी आवास अस्पताल परिसर में ही स्थित है। उनके अनुसार, आसपास गन्ने के खेत और झाड़ी होने की वजह से जंगली जानवरों की आवाजाही पहले भी होती रही है, लेकिन तेंदुए का यूं खुलेआम परिसर में चहलकदमी चिंता का विषय है।
उन्होंने आगे कहा कि तेंदुआ रात में परिसर के अंदर तक आ जाता है। इसकी वजह से सभी कर्मचारी शाम होते ही अपने कमरों में बंद हो जाते हैं। इतना ही नहीं वह पूरी रात भय के साए में बिताते हैं। रविवार को एक बार फिर से जब परिसर में तेंदुए के ताजे पदचिह्न देखने को मिले, तो स्वास्थ्य कर्मियों और लोगों की चिंता बढ़ गई।
अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या भी प्रभावित हो रही है। क्योंकि लोग डर के कारण शाम के समय अस्पताल आने से परहेज कर रहे हैं। इस घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग सक्रिय हो गया है।
निचलौल के वन क्षेत्राधिकारी सुनील कुमार राव ने बताया कि पदचिह्न लकड़बग्घा का लग रहा है। उन्होंने आगे कहा वनकर्मियों की एक टीम को मौके पर भेजा गया है। पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। जल्द ही उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा। उसके बाद उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाएगा। ग्रामीणों और अस्पताल कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वन विभाग द्वारा जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।