निचलौल। तहसील में तैनात लेखपाल का एक पीड़ित से रिश्वत मांगने का ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। पीड़ित ने मामले में एसडीएम से शिकायत कर न्याय की गुहार भी लगाई थी। मामले की जांच में लेखपाल अंशुमान महतो की करतूत उजगार होने पर एसडीएम ने शुक्रवार को उसे निलंबित कर दिया।
कोठीभार थाना क्षेत्र के नगर पालिका परिषद सिसवा बाजार के सरदार पटेल नगर वार्ड (सबया) निवासी प्रमोद चौधरी ने बताया था कि बाबा रामधनी ने अपनी भूमि के खाता बंटवारे के लिए धारा 116 के तहत तहसील न्यायालय में वाद दायर किया था। न्यायालय ने 30 सितंबर 2025 को ही प्रारंभिक आदेश पारित करते हुए हल्का लेखपाल को कुर्राफाट और रंगभेदी नक्शा तैयार करने का निर्देश दिया था। लेखपाल की ओर से आदेश का पालन नहीं किया गया। ऐसे में उसने 28 दिसंबर को लेखपाल से संपर्क किया। इस दौरान लेखपाल की ओर से रिश्वत की मांग की गई। मजबूर होकर लेखपाल को कुछ रुपये दे भी दिया। जबकि बचे रकम को कुछ दिन बाद देने की बात कहते हुए काम करने की गुहार लगाई। फिर भी लेखपाल ने काम नहीं किया।
वह 9 जनवरी को लेखपाल से दोबारा मिलकर काम करने को कहा लेकिन उसे अपमानित कर भगा दिया गया। पीड़ित प्रमोद का यह भी आरोप है कि लेखपाल लंबे समय से एक ही क्षेत्र में तैनात है। लेखपाल से परेशान होकर रिश्वत मांगने से जुड़ी बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग उसने वायरल कर दिया।
एसडीएम सिद्धार्थ गुप्ता ने बताया कि वायरल ऑडियो और शिकायत की जांच कराई गई थी। इस दौरान जांच में पता चला कि लेखपाल अंशुमान महतो की ओर से पीड़ित का काम करने के बदले रिश्वत की मांग की गई है। ऐसे में लेखपाल को निलंबित कर दिया गया।