धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा लेहड़ा देवी मंदिर
लेहड़ा मंदिर के कायाकल्प के लिए तैयार डीपीआर शासन को भेजने की तैयारी
परियोजना राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर जिले को एक नई पहचान प्रदान करेगी
महराजगंज। जनपद के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पहचान के प्रमुख केंद्र मां लेहड़ा देवी मंदिर को धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल की पहल पर सीएनडीएस ने 45 करोड़ रुपये डीपीआर तैयार कर लिया है। डीपीआर को शासन को प्रस्ताव भेजने की तैयारी अंतिम चरण में है।
जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि प्रस्तावित लेहड़ा देवी कॉरिडोर का उद्देश्य मंदिर की मूल धार्मिक गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए श्रद्धालुओं को आधुनिक एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यह परियोजना धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी, स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगी तथा महाराजगंज को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान प्रदान करेगी।
मां लेहड़ा देवी मंदिर पूर्वांचल और नेपाल के तराई क्षेत्र के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। वर्ष भर यहां दर्शनार्थियों का आगमन होता है, जबकि चैत्र एवं शारदीय नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में पहुंच जाती है। परियोजना के तहत मंदिर परिसर का विकास अर्धचन्द्राकार कॉरिडोर के रूप में किया जाएगा। मंदिर के मुख्य प्रवेश पर भव्य द्वार का निर्माण होगा। प्रवेश द्वार के दोनों ओर प्रसाद कक्ष, सीसीटीवी युक्त सुरक्षा कक्ष, श्रद्धालु विश्राम कक्ष, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) कक्ष, यूटीलिटी रूम तथा जूता-चप्पल गृह सहित सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मंदिर परिसर को पारंपरिक भारतीय स्थापत्य शैली के अनुरूप लाल बलुआ पत्थरों से विकसित किया जाएगा। मंदिर की परिधि पर देवी-देवताओं एवं भारतीय संस्कृति से संबंधित आकर्षक मूर्तियां स्थापित की जाएंगी तथा धार्मिक एवं आध्यात्मिक विषयों पर उत्कृष्ट नक्काशी कराई जाएगी। वहीं श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए आधुनिक पार्किंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी। मंदिर परिसर के आसपास की दुकानों को सुव्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया जाएगा।
सरोवर व घाटों का होगा सुंदरीकरण
परियोजना के अंतर्गत मंदिर परिसर स्थित सरोवर एवं घाटों का सुंदरीकरण किया जाएगा। जलाशयों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए आधुनिक नैनो बबल तकनीक का उपयोग किया जाएगा। साथ ही मंदिर परिसर में अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो स्थापित किया जाएगा। इसके जरिए मां लेहड़ा देवी की महिमा, मंदिर के इतिहास और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का आकर्षक प्रस्तुतीकरण किया जाएगा।
घाटों पर लाल बलुआ पत्थर लगेंगे
घाटों का पुनर्विकास भी इस योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। लाल बलुआ पत्थर से नए घाटों का निर्माण तथा पुराने घाटों का सुदृढ़ीकरण एवं सुंदरीकरण किया जाएगा। धार्मिक अनुष्ठानों के लिए आधुनिक हवनकुंड एवं यज्ञशाला का निर्माण होगा। इसके अतिरिक्त मंदिर की पारंपरिक कड़ाही प्रथा के लिए अलग क्षेत्र विकसित किया जाएगा। रात में संपूर्ण परिसर में अत्याधुनिक फसाड लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी।