आत्मरक्षा ही नहीं, सबक सिखाने के तरीके भी सीखे
अमर उजाला के अपराजिता मुहिम के तहत घुघली के टीडी मेमोरियल इंटर कॉलेज में आत्मरक्षा शिविर आयोजित किया गया
ताइक्वांडो प्रशिक्षक बोले, मार्शल आर्ट सीखने वाली छात्राओं के दिमाग से निकल जाता है डर
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता 100 मिलियन स्माइल मुहिम के तहत घुघली कस्बे के टीडी मेमोरियल इंटर कॉलेज में शुक्रवार को आत्मरक्षा शिविर का आयोजन किया गया। इसमें छात्राओं को आत्मरक्षा करने के तरीके सिखाए गए। ताइक्वांडो टीम में शामिल स्वास्तिका द्विवेदी, अनुष्का जायसवाल, मनीषा विश्वकर्मा, मान्या कुशवाहा, ऋतुराज सिंह, दीपांशु मिश्रा, जितेश, अंकुश मद्धेशिया, संदीप कुशवाहा, रंजेश गुप्ता, सूरज सिंह, उदयप्रताप यादव, शिव प्रताप यादव ने अपने बचाव के लिए विविध कला का प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम में 110 लोग शामिल हुए।
ताइक्वांडो प्रशिक्षक महेश राजभर की निगरानी में छात्राओं ने प्रशिक्षण प्राप्त करने के साथ अभ्यास भी किया। उन्होंने बताया कि मार्शल आर्ट सीखने वाली छात्राओं के दिमाग से डर निकल जाता है। यह लगातार अभ्यास करने से ही आता है। वे बचाव के लिए अपने पास मौजूद चाबी, दुपट्टा, पेन, क्लिप, कापी और किताब को हथियार बना सकती हैं। उन्होंने कराटे का प्रदर्शन कर बताया कि यदि कोई ओछी हरकत करता है तो किस तरह से सबक सिखाया जा सकता है। इस दौरान उन्होंने मुक्का बांधकर वार और किसी के हाथ पकड़ने पर जवाबी हमला करते हुए खुद को सुरक्षित करने का तरीका भी समझाया।
बाल विकास परियोजना अधिकारी सोनी राय ने कहा कि आत्मरक्षा का तरीका जानना बेहद जरूरी है। मार्शल आर्ट ऐसी विधा है, जिसकी जानकारी रहने से बिना किसी हथियार के अपना बचाव किया जा सकता है। उन्होंने बेटियों के हित में शासन की ओर से संचालित योजनाओं की जानकारी दी। प्रधानाचार्य अनूप जायसवाल ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन वेद प्रकाश उपाध्याय ने किया। कार्यक्रम में 110 लोग शामिल हुए। इस दौरान प्रबंधक शंभूशरण जायसवाल, उप प्रबंधक गौतम जायसवाल, बज्रधारी दुबे, विनोद चौबे, अभिमन्यु, सुशील, विनोद, अंगद, दीपक वर्मा, अभिनंदन, मंदाकिनी पटेल आदि मौजूद रहे।
डरूंगी नहीं डटकर मुकाबला करूंगी
कक्षा 12वीं की छात्रा आईशा ने कहा कि अब में डरूंगी नहीं, बल्कि कोई उल्टी- सीधी हरकत करेगा तो उसका विरोध डटकर करूंगी। नेहा ने कहा कि प्रशिक्षण से काफी हिम्मत आ गई है। यह पहल काफी अच्छी रही। प्रशिक्षण से आत्मविश्वास बढ़ा है। अंकिता ने कहा कि आत्मरक्षा शिविर में जो ज्ञान मिला है, वह आने वाले समय में काम आएगा। मुक्का बांधकर वार और किसी के हाथ पकड़ने पर जवाबी हमला करते हुए खुद को सुरक्षित करने का तरीका भी समझने को मिला। जागृति ने कहा कि बेटियों के लिए ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए। शिविर में मिली जानकारी से मनोबल काफी बढ़ा है। विपरित हालात में बचाव कैसे करें, इसके बारे में बेहतर ढंग से जानने को मिला।