फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भूख प्यास से तड़फ रहा तेंदुआ 20 घंटे चहारदीवारी में रहा कैद

विज्ञापन
विज्ञापन
18 घंटे चहारदीवारी में कैद रहने के बाद भाग निकला तेंदुआ
विज्ञापन

महराजगंज। ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र के किशुनपुर गांव में एक मोबाइल कंपनी के टावर की चहारदीवारी में सोमवार सुबह 7 बजे घुसा तेंदुआ रात में करीब एक बजे चहारदीवारी तोड़े जाने के थोड़ी देर बाद लंबी छलांग लगाते हुए तेजी से निकल गया। इसके बाद वन कर्मियों ने राहत की सांस ली। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि फिलहाल जंगल में अकेले न जाएं।
किशुनपुर गांव में दिनभर दहशत में रहे ग्रामीणों को देर रात तक परेशानी झेलनी पड़ी। रात में मवेशियों एवं बच्चों की सुरक्षा के प्रति लोग सतर्क रहे। दिन में तेंदुआ पिंजरा लगाने के बाद भी बाहर नहीं निकला तो देर रात जेसीबी मंगाकर चहारदीवारी को पीछे से तोड़ा गया। इसके बाद वन कर्मियों ने गश्त तेज कर दी। सभी लोगों को घर के बाहर प्रकाश नहीं करने की अपील की गईं। गांव के लोग लाठी लेकर टार्च के सहारे निगरानी करते रहे। मवेशियों को घर में बांध दिया गया था।
विज्ञापन

किशुनपुर गांव के रहने वाले रामसमुख पटेल, हरी किसुन गोंड, जनार्दन ने कहा कि सोमवार सुबह तेंदुआ गांव में आया तो बेहद आक्रामक दिख रहा था। दिन भर वह तपती धूप में चहारदीवारी के अंदर रहा। रात में चहारदीवारी टूटी तो वह किसी तरह से निकल गया। उसके जाने के बाद भी डर लग रहा है।
---------------
तसल्ली के लिए टावर परिसर को खंगाला
ठूठीबारी। सोमवार देर रात जब तेंदुआ टावर परिसर से निकल कर गांव के पूरब सिवान में चला गया, तो वनकर्मियों के बताने पर कुछ ग्रामीणों को यकीन नहीं हो रहा था कि तेंदुआ वास्तव में टावर से निकल गया है। लोगों को भरोसा दिलाने के लिए मधवलियां रेंजर विजय कुमार श्रीवास्तव ने स्वयं गाड़ी की लाइट टावर के तरफ करके वन कर्मियों के साथ टावर परिसर का कोना कोना खंगाला। तेंदुआ नहीं मिला तब जाकर ग्रामीणों को तसल्ली मिली।
----------------
दहशत में गुजरी रात
ठूठीबारी। किशनपुर गांव में लोग सोमवार पूरी रात पहरा करते रहे। दहशत में लोगों की पूरी रात गुजर गई। टावर के किनारे महेंद्र विश्वकर्मा, घिसीभगत प्रजापति, श्याम सुंदर का घर है। इन लोगों ने बताया कि टावर के समीप मकान होने से काफी डर लग रहा था। घर के दरवाजे पर फाटक भी नहीं लगा है। तेंदुआ कब टावर परिसर से निकल कर हम लोगों के घरों में घुस जाय, भय बना हुआ था। घर की महिलाएं, बच्चे तेंदुएं की डर से सो नहीं रहे थे। गांव के पंकज चौधरी, राजकुमार यादव, सोनू यादव ने बताया कि टावर परिसर से तेंदुआ भले ही चला गया है, लेकिन खतरे का अंदेशा बना हुआ है। जिसको लेकर हम लोग रात भर जागकर पहरा करते रहे।
विज्ञापन

----------------
किशुनपुर गांव के दक्षिण में दो किलोमीटर की दूरी पर तरहवां जंगल स्थित है। रात के अंधेरे में तेंदुआ जंगल की तरफ चला गया है। उसके पद चिन्हों को देखकर लग रहा है कि वह जंगल की तरफ ही गया है। बचाव के प्रति लोगों को सचेत रहने की जरूरत है। लोगों से अपील है कि जंगल के किनारे अकेले न जाएं।
विजय कुमार श्रीवास्तव, रेंजर, मधवलिया
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें