सोनौली। नेपाल में भारी वर्षा के चलते अलर्ट जारी किया गया है। पर्यटक नगरी पोखरा से निकलने वाले सभी मार्ग रविवार की सुबह बंद हो गए। प्रशासन आपदा के कारण पोखरा में फंसे पर्यटकों को निशुल्क भोजन और आवास उपलब्ध करवा रहा है। लगातार बारिश के कारण, पर्यटन विभाग ने दो दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। वहीं होटल एसोसिएशन, पोखरा नेपाल ने घोषणा की है कि वह पर्यटकों को सुरक्षित रखने के लिए छूट देगा।
नेपाल में लगातार बारिश के कारण बाढ़ के खतरे को देखते हुए नेपाल सरकार ने दो दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बंद है। होटल एसोसिएशन पोखरा नेपाल ने घोषणा की है कि वह पोखरा के आसपास के क्षेत्र में मौजूद या अपनी यात्रा के दौरान फंसे पर्यटकों को निशुल्क भोजन और आवास की सुविधा देगा। होटल एसोसिएशन ने घोषणा की है कि यदि कोई पर्यटक आपदा की स्थिति में फंसा हुआ है तो उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाएगा और भोजन व आवास की व्यवस्था की जाएगी। अध्यक्ष लक्ष्मण सुबेदी ने बताया कि पोखरा पर्यटन विभाग ने भी घोषणा की है कि वह अन्य पर्यटकों को भी 25 प्रतिशत की छूट देगा। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे संकट के समय में पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
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मुगलिग-नारायणगढ़ मार्ग पर दोतरफा आवागमन शुरू
भूस्खलन के कारण अवरुद्ध मुगलिंग-नारायणगढ़ मार्ग पर रविवार को दोनों तरफ से आवागमन शुरू हो गया। सड़क संभाग भरतपुर ने तुईंन नदी में मलबा हटाकर मार्ग को दोनाें तरफ से संचालित करवा दिया। बावजूद इसके कार्यालय ने लोगों से यात्रा करते समय सावधानी बरतने का अनुरोध किया है, क्योंकि सड़क पर भूस्खलन से मिट्टी और चट्टानें गिरती रहती हैं। सड़क डिवीजन प्रमुख नारायण लमीछाने ने बताया कि दोपहर बाद मौसम साफ होने के बाद आवागमन शुरू कर फंसे लोगों को निकाला जा रहा है।
अलर्ट और बंद के चलते 500 से ज्यादा तीर्थयात्री भैरहवा में फंसे
भारत में तीर्थयात्रा करके लौट रहे 500 से ज्यादा तीर्थयात्री सड़क बंद होने के कारण भैरहवा में फंस गए हैं। वृंदावन लौट रहे 2,000 से ज्यादा इस्कॉन नेपाल के यात्रियों में से लगभग 500 भैरहवा में फंसे हैं। नेपाल के पूर्वी क्षेत्र और काठमांडो के आसपास के जिलों में जारी बारिश के चलते एहतियातन परिवहन रोक दिए जाने के बाद सभी तीर्थयात्री भैरहवा में रुके हैं।
शनिवार को लगभग 2,000 तीर्थयात्री भारत के वृंदावन की यात्रा के बाद सोनौली बेलहिया सीमा पार से भैरहवा पहुंचे। शनिवार को भैरहवा में विभिन्न धर्मशालाओं, मंदिरों और होटलों में तीर्थयात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की गई थी। रविवार को लगभग 1,500 तीर्थयात्री अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। काठमांडू, ललितपुर, भक्तपुर, पनौती, कावरे, धादिंग और अन्य जिलों के तीर्थयात्री अभी भी परिवहन खुलने का इंतजार कर रहे हैं। बीते माह नेपाल के विभिन्न जिलों से लगभग 2,000 लोग वृंदावन, गोवर्धन और अन्य स्थानों की यात्रा पर निकले थे। बुटवल स्थित इस्कॉन नेपाल के करण धर दास ने बताया कि नेपाल के विभिन्न हिस्सों से आए तीर्थयात्री फिलहाल भैरहवा में फंसे हुए हैं। रोके गए तीर्थयात्रियों ने गल्ला मंडी स्थित राम जानकी हनुमान मंदिर में शरण ली है। भारतीय बसें भैरहवा से रवाना होकर वापस लौट गई हैं। तीर्थयात्री हरिराम पौड़ी का कहना है कि अब काठमांडो और आसपास के अन्य जिलों को जाने वाले यात्रियों के पास भैरहवा में इंतजार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।