रेल लाइन निर्माण के लिए सर्वे करते रेलवे विभाग के कर्मी।
महराजगंज। जिले में प्रस्तावित नई रेल लाइन के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी के साथ चल रही है। रेलवे ने दूसरे चरण के पांच गांवों देउरवा, जंगल जोगिया, अलहदिया महदेवा, गोपालपुर और कम्हरिया खुर्द में भूमि अधिग्रहण को तेज करने के लिए रेल मंत्रालय को पत्र भेजा गया है। इस पत्र में इन गांवों के लिए गजट जारी करने की मांग की गई है। ऐसे में अगले सप्ताह तक गजट जारी होने की संभावना है, जिसके बाद इन गांवों में भूमि अधिग्रहण तेजी से आगे बढ़ेगा।
जानकारी के अनुसार, जिले में 52.70 किलोमीटर की इलेक्ट्रिक रेल लाइन प्रस्तावित है, जो घुघुली से महराजगंज होते हुए आनंदनगर जंक्शन तक जाएगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत 958.27 करोड़ रुपये है। यह रेल लाइन जिले के 52 गांवों से होकर गुजरेगी और घुघली रेलवे स्टेशन को महराजगंज और आनंदनगर जंक्शन से जोड़ेगी। नई रेल लाइन के निर्माण से न केवल यात्रा सुगम होगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। परियोजना के लिए कुल 194 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता है। अब तक 29 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। प्रभावित किसानों को अब तक 438.95 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। शेष राशि भी जल्द ही किसानों के खातों में हस्तांतरित की जाएगी। दूसरे चरण के तहत जिन पांच गांवों में गजट अधिसूचना जारी होने वाली है, वहां के किसानों और स्थानीय निवासियों के बीच इस परियोजना को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया हैं। लोग इस रेल लाइन को विकास का नया द्वार मान रहे हैं। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। बल्कि माल ढुलाई में भी आसानी होगी। स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी, जिससे किसानों और व्यापारियों को लाभ होगा।
रेलवे विभाग के सेक्शन इंजीनियर अजय कुमार ने बताया कि इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। घुघुली से महराजगंज तक 24.8 किमी तक रेल लाइन निर्माण का काम प्रारंभ हो चुका है। संबंधित कार्यदायी संस्था की ओर से रेल लाइन रूट के लिए ड्रोन उड़ाकर सर्वे किया जा रहा है।