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Maharajganj News: खरमास का ब्रेक, मकर संक्रांति के बाद फिर महकेगा फूलों का कारोबार

Mon, 16 Dec 2024 12:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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दुर्गा मंदिर के पास फूलों की दुकान से खरीदारी करते लोग।संवाद
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महराजगंज। खरमास ने शादी विवाह के आयोजनों पर ब्रेक लगा दिया है, जिसके कारण कारोबारी फूल मंदिरों के आसपास खपा रहे हैं। देवोत्थानी एकादशी के बाद शुरू हुआ सहालग लगभग 20 दिन प्रभावी रहा।
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इस समय सीमा के भीतर फूलों के कारोबारियों ने बेहतर कमाई की, लेकिन अब प्रक्रिया रुकने से उन्हें कमाई के लिए एक बार फिर मकर संक्रांति तक इंतजार करना पड़ेगा।
सहालग के बैंड-बाजा बरात की धूम के बीच फूलों का कारोबार पिछले दिनों उछाल पर रहा, जिसके कारण कारोबारी खिल उठे थे। हल्दी, मेहंदी से लेकर जयमाल स्टेज और मंडप में फूलों की सजावट का क्रेज उन्हें कमाई का जरिया दे रहा था।
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दूल्हे की कार और बग्घी सजावट के लिए फूलों की भारी डिमांड थी और नासिक के साथ-साथ काशी और लखनऊ से फूलों को मंगाकर व्यापारियों ने कारोबार को महका दिया था, लेकिन सहालग खत्म होने के बाद उनके कारोबार पर ब्रेक लग गया है।
सर्दियों में गुलाब और गेंदे के अलावा रात रानी, हर श्रृंगार के पौधों में पर्याप्त फूल निकलते हैं। शादी विवाह में बढ़ी फूलों की मांग ने कारोबारियों को कमाई का जरिया दिया, जिससे कारोबार में उछाल था। शादी कार्यक्रम में हल्दी व मेहंदी की रस्म में भी सजावट कराने की शुरुआत है।
क्योंकि अच्छी सजावट से ही वेडिंग वीडियो ग्राफी और फोटो ग्राफी उम्दा होती है, जिसे लोग लंबे समय तक यादगार के तौर पर सुरक्षित रखते हैं। इसके अलावा जयमाल, सेहरा, दूल्हे के वाहन आदि की सजावट पहले से ही गुलाब से सजाने का चलन है।
कारोबारी 260 रुपये किलो गुलाब नासिक से मंगाते थे। साथ ही गेंदा 180 रुपये किलो तो अन्य फूल भी डिमांड के मुताबिक आ रहे थे।
इन फूलों के जरिये कारोबार करने वाले सिर्फ जयमाल स्टेज सजाने के लिए तीन हजार रुपये लेते थे। सभी आयोजनों में फूलों की सजावट का खर्च 10 हजार से ऊपर पहुंचता था। एक बुकिंग से बड़े आराम से चार से 5 हजार की कमाई हो जाती थी, लेकिन खरमास के कारण इस पर कुछ समय का विराम लग गया है।
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कारोबारी स्टाक के बचे फूल इन दिनों मंदिरों के आसपास खपाने में लगे हैं, जिससे अधिक नुकसान न होने पाए।
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