घाट का निरीक्षण करते जिलाधिकारी।
महराजगंज। कार्तिक पूर्णिमा पर सदर क्षेत्र के चानकी एवं त्रिमुहानी घाट पर आस्था का जनसैलाब उमड़ेगा। इसे देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालु विभिन्न मंदिर और मठों में जाकर देवी-देवताओं के दर्शन कर परिवार की सुख समृद्धि की कामना करेंगे।
जनपद के त्रिमुहानी नदी घाट, सिसवा क्षेत्र के गंडक नदी के बेलवा घाट, मकुनही घाट, रास्ताजोर घाट, छितौनी घाट, घुघली गंडक नदी घाट, झुलनीपुर स्थित त्रिवेणी घाट के अलावा सभी छोटी-बड़ी नदियों के घाटों पर भोर से ही स्नान के लिए श्रद्धालु पहुंचेंगे। कार्तिक पूर्णिमा पर बुधवार को भोर से ही नदी के तटों पर लोगों की भीड़ जुटेगी। स्नान के पश्चात श्रद्धालुओं ने मंदिरों में दर्शन-पूजन कर परिवार के मंगल की कामना करेंगे। क्षेत्र के रोहिन नदी के चानकी घाट पर मेले का आयोजन होगा। वहीं श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए कलाकारों द्वारा रामलीला का मंचन होगा। बच्चों ने खिलौने खरीदे और मेले में लगे चरखी एवं झूले का आनंद उठाएंगे। क्षेत्र के बागापार स्थित रामघाट पर भी कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। श्रद्धालुओं ने शुभ मुहूर्त में गंगा पूजन कर गरीबों को वस्त्र, कंबल और अन्न दान कर पुण्य का लाभ उठाएंगे। चानकी घाट पर सुरक्षा की दृष्टि से चौक थाने की पुलिस मेले में मुस्तैद रहेगी।
पंडित दिवाकर मणि त्रिपाठी ने बताया कि हिंदू धर्म में कार्तिक माह का खास महत्व होता है। इस माह को सबसे पवित्र महीना माना जाता है, हिंदू धर्म में कार्तिक माह, कार्तिक व्रत, कार्तिक पूजा, कार्तिक स्नान का खास महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन संध्याकाल में भगवान विष्णु ने पहला अवतार लिया था, जो मत्स्यावतार के रूप में जाना जाता है। भगवान को यह अवतार वेदों, प्रलय के अंत तक सप्त ऋषियों, अनाजों एवं राजा सत्यव्रत की रक्षा के लिए लेना पड़ा था। आज के दिन किए जाने वाले स्नान, दान, हवन, यज्ञ व उपवास का अनंत फल प्राप्त होता है।