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नागरिकता विधेयक में पेच फसने पर नेपाल में जसपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश

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महराजगंज ः नेपाल में नागरिकता विधेयक में पेच फंसने पर नेपाल में जसपा कार्यकर्ताओं ने आक्रोश प्र? - फोटो : MAHARAJGANJ
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भैरहवां में जसपा कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति का पुतला फूंका
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नागरिकता विधेयक में पेच फंसने पर नेपाल में जसपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश
नेपाल में नागरिकता विधेयक को राष्ट्रपति ने नहीं दी मंजूरी
सोनौली (महराजगंज)। नेपाल के भैरहवां कस्बे के मिलन चौक पर जनता समाजवादी पार्टी नेपाल ने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति का पुतला फूंका। प्रतिनिधि सभा और नेशनल असेंबली में बहुमत से पारित नागरिकता विधेयक नेपाली राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी द्वारा वापस करने से कार्यकर्ता आक्रोशित हैं। लिहाजा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर गुस्से का इजहार किया।
जनता समाजवादी पार्टी सेंट्रल सदस्य महेंद्र यादव ने कहा कि यह दुखद है कि राष्ट्रपति द्वारा नागरिकता विधेयक को खारिज कर दिया गया। समय आ गया है कि लोग राजनीतिक दलों को पहचानें। जसपा वह पार्टी है जो लोगों के अधिकारों के लिए लड़ती है। पार्टी के केंद्रीय सदस्य ओमप्रकाश यादव ने कहा कि राष्ट्रपति अपनी गलती को तुरंत सुधारें।
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पूर्व कृषि राज्य मंत्री ओमप्रकाश यादव (गुलजारी) ने कहा कि जब सरकार नागरिकता से वंचित लोगों को नागरिकता देने के लिए आगे बढ़ रही थी तो राष्ट्रपति द्वारा नागरिकता विधेयक वापस भेजना गलत है। उन्होंने कहा कि मधेसी लोग सीमा की रक्षा कर रहे हैं। पार्टी की संघीय परिषद के सदस्य और रोहिणी ग्रामीण नगरपालिका के अध्यक्ष विद्या प्रसाद यादव ने कहा कि संघवाद पूरी तरह से लागू नहीं हुआ है। स्वाभाविक रूप से पैदा हुए नागरिकों के बच्चों को नागरिकता नहीं मिल पाई है, उन्हें नागरिकता दी जानी चाहिए।
आनंद प्रसाद गुप्ता ने कहा कि नागरिकता के अभाव में लाखों नागरिक विभिन्न अवसरों से वंचित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति की कार्रवाई गलत है। सतीशचंद्र मिश्रा ने कहा कि जो लोग नागरिकता से वंचित हैं, उन्हें नागरिकता दी जानी चाहिए।
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अजय वर्मा ने बताया कि नागरिकता विधेयक को राष्ट्रपति द्वारा खारिज करना एक सोची समझी साजिश है। यह लोग नहीं चाहते मधेशी समुदाय के बच्चों को नागरिकता मिले। पिछले दस वर्षों से हम लोग इसके लिए संघर्ष कर रहे हैं।
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