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UP: जार्डन के टूटे मोबाइल से खुला राज, मिले SOLI के लिंक- NIA मांग सकती है रिमांड; ऐसे हुआ था गिरफ्तार

Mon, 27 Jul 2026 01:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो नीलोत्पल दूबे, महराजगंज

सार

अमेरिकी संगठन एसओएलआई पर भारत के उत्तर-पूर्व हिस्से के साथ ही अन्य देशों के उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में प्रशिक्षण व हथियार उपलब्ध कराने का आरोप है। एनआईए ने संस्था के प्रमुख मैथ्यू वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को 13 मार्च 2026 को कोलकाता, दिल्ली और लखनऊ से गिरफ्तार किया था।
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अमेरिकी नागरिक गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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भारत-नेपाल सीमा पर अवैध तरीके से 11 जुलाई को नेपाल जाने की कोशिश में पकड़े गए विदेशी नागरिक जार्डन ब्राउन की जांच में नया मोड़ सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, उसके टूटे मोबाइल फोन से रिकवर किए गए करीब 75 फीसदी डेटा में संस ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल (एसओएलआई) की आधिकारिक वेबसाइट और संगठन प्रमुख मैथ्यू वैनडाइक से जुड़े ऑनलाइन अभियान के लिंक मिले हैं।

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इन सुरागों के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जार्डन की सुपुर्दगी की मांग कर सकती है। अमेरिकी संगठन एसओएलआई पर भारत के उत्तर-पूर्व हिस्से के साथ ही अन्य देशों के उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में प्रशिक्षण व हथियार उपलब्ध कराने का आरोप है।

एनआईए ने संस्था के प्रमुख मैथ्यू वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को 13 मार्च 2026 को कोलकाता, दिल्ली और लखनऊ से गिरफ्तार किया था। शुरुआती जांच में एजेंसी को यह जानकारी मिली थी कि संगठन से जुड़े कुल 14 लोग भारत में दाखिल हुए थे। आशंका है कि इस ग्रुप का 8वां सदस्य जार्डन हो सकता है।

ऐसे में इस मामले में एनआईए का दखल तय माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि जार्डन के मोबाइल की डेटा रिकवरी के आधार पर अगले सप्ताह एनआईए कोर्ट उसकी सुपुर्दगी की अपील दाखिल कर सकती है।

वीजा न पासपोर्ट, खुद को फंसता देख भागने की कोशिश में पकड़ा गया
भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नेपाल जाने की कोशिश में जार्डन एसएसबी 22वीं वाहिनी की गिरफ्त में आया था। उसके पास वीजा और पासपोर्ट भी नहीं था। खुद को फंसता देख उसने भागने की कोशिश की थी पर एसएसबी और ग्रामीणों की मदद से पकड़ा गया था।

खुद को फंसता देख उसने अपने दो मोबाइल फोन तोड़ दिए और एजेंसियों को अपनी पहचान बताने की जगह भ्रमित करता रहा। टूटे मोबाइल फोन डेटा रिकवरी के लिए भेजे गए थे जिसका 75 फीसदी डेटा रिकवर हो चुका है। बताया जा रहा है कि इससे कई अहम जानकारियां पुलिस और जांच एजेंसियों को मिली हैं।

मिले अहम सुराग : वैनडाइक की भूख हड़ताल का लिंक पर जिक्र
सूत्रों के मुताबिक, टीसीएल कंपनी के मोबाइल फोन की रिकवरी से वैनडाइक के तिहाड़ में भूख हड़ताल और एसओएलआई की आधिकारिक वेबसाइट पर शुरू वैनडाइक को रिहा करो इंडिया अभियान के लिंक भी मिले हैं। इससे इस आशंका को बल मिलता है कि जार्डन उन सात विदेशियों का सहयोगी हो सकता है जो मार्च 2026 में कोलकाता व देश के अन्य एयरपोर्ट से दबोचे गए थे।

मौजूदा समय में सभी तिहाड़ में बंद हैं और एनआईए मामले की जांच कर रही है। यह सुराग मिलने के बाद अब स्थानीय पुलिस व जांच टीम की नजर टूटे फोन के शेष 25 फीसदी डेटा पर टिकी है।
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सूत्रों का कहना है कि जार्डन के संगठन का सदस्य होने की आशंका इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि वह वैनडाइक और अन्य की गिरफ्तारी के बाद वेबसाइट के जरिये संगठन की गतिविधियों को ट्रैक कर रहा था। अभी एजेंसियों को 25 फीसदी डेटा रिकवरी का इंतजार है।

मामले में बढ़ाई गईं धाराएं
न्यायालय के निर्देश पर जार्डन ब्राउन जेल में रखा गया है। अभी पुलिस ने मामले में चार्जशीट नहीं दाखिल की है लेकिन कुछ धाराओं को बढ़ाए जाने की जानकारी शनिवार की सुनवाई में दी गई। जेल अधीक्षक वीके गौतम ने बताया कि जब तक मामले में चार्जशीट नहीं दाखिल होती तब तक सुरक्षा के लिहजा से जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट में उसकी पेशी कराई जा रही है। मामले की अगली सुनवाई छह अगस्त को होगी।
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