7 जुलाई को बृजमनगंज थाना क्षेत्र स्थित एक आभूषण की दुकान से सोने के जेवर चोरी हो गए थे। दुकान संचालक नूर मोहम्मद निवासी बड़हरा इन्ददत्त की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। वारदात की गंभीरता को देखते हुए विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और गांडिव पोर्टल की सहायता से संदिग्धों की पहचान की।
बृजमनगंज थाना क्षेत्र में सर्राफा दुकान से हुई चोरी के मामले में पुलिस ने अंतरजनपदीय महिला चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मुख्य अभियुक्त सहित पांच महिलाओं और ऑटो चालक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पीली धातु की टिकिया, ऑटो, नकदी और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। सभी गोरखपुर के निवासी हैं और आपस में रिश्तेदार हैं।
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जानकारी के अनुसार, 17 जुलाई को बृजमनगंज थाना क्षेत्र स्थित एक आभूषण की दुकान से सोने के जेवर चोरी हो गए थे। दुकान संचालक नूर मोहम्मद निवासी बड़हरा इन्ददत्त, थाना कोल्हुई बाजार की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और गांडिव पोर्टल की सहायता से संदिग्धों की पहचान की।
जांच के दौरान मुख्य अभियुक्त मंजू की पहचान की गई, वह पहले भी चोरी के कई मामलों में जेल जा चुकी है। इसके बाद पुलिस ने गिरोह की अन्य महिला सदस्यों और घटना में शामिल ऑटो चालक की पहचान कर सभी को समय माता मंदिर थाना बृजमनगंज से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपितों में मुख्य अभियुक्त मंजू निवासी आराजी मतौनी, कुसुमी बाजार, थाना एम्स के अलावा सरिता, सोना, कुंती और मंजू निवासी सूबा बाजार, थाना खोराबार, गोरखपुर की हैं। पुलिस के अनुसार सभी आपस में रिश्तेदार हैं।
इनके साथ ही ऑटो चालक इन्दल निवासी पोछिया ब्रह्मस्थान, थाना झंगहा, गोरखपुर को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य अभियुक्त मंजू के खिलाफ महराजगंज और गोरखपुर के विभिन्न थानों में चोरी और चोरी का माल रखने से संबंधित कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं। वह पूर्व में भी जेल जा चुकी है।
दुकानदार को बातचीत में उलझाकर करती थीं चोरी
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह की सभी महिलाएं आपस में रिश्तेदार हैं और योजनाबद्ध तरीके से अलग-अलग जिलों के बाजारों तथा सर्राफा दुकानों को निशाना बनाती थीं।
चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए कुछ महिलाएं ग्राहक बनकर दुकान में प्रवेश करतीं और दुकानदार को बातचीत व आभूषण दिखाने में उलझाए रखतीं। इसी दौरान अन्य सदस्य मौका पाकर कीमती आभूषण चुरा लेती थीं। वारदात के बाद सभी अलग-अलग निकल जाती थीं।
एक ही ऑटो को हमेशा करती थीं रिजर्व
गिरोह की सभी महिलाएं हमेशा एक ही ऑटो को रिजर्व कर घटनास्थल तक पहुंचतीं और उसी से वापस लौटती थीं। इससे वे अन्य लोगों के संपर्क में आने से बचती थीं और पुलिस की नजरों से भी दूर रहती थीं। पुलिस के मुताबिक चोरी के बाद गिरोह के सदस्य कुछ दिनों के लिए धार्मिक या पर्यटन स्थलों पर घूमने चले जाते थे ताकि उन पर किसी प्रकार का संदेह न हो।
चोरी के गहनों को गलाकर बनाते थे टिकिया
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि चोरी किए गए सोने के आभूषणों को तुरंत गलाकर गिरोह पीली धातु की टिकिया बना देता था। ऐसा करने से आभूषणों की पहचान समाप्त हो जाती है और उन्हें बेचना आसान हो जाता है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 5.57 ग्राम वजन की पीली धातु की टिकिया, घटना में प्रयुक्त ऑटो, चार की-पैड मोबाइल फोन और 12,580 रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल फोनों की आईएमईआई जांच भी कराई जा रही है।
कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें महिलाओं का एक समूह सर्राफा दुकान में चोरी करते हुए दिखाई दिया था। पुलिस जांच में वही गिरोह सामने आया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपितों तक पहुंचने में सफलता मिली। एसपी ने कार्रवाई करने वाली टीम को 15 हजार रुपये का पुरस्कार दिया है।
अंतरजनपदीय महिला चोर गिरोह के छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपी गोरखपुर जनपद के हैं। कार्रवाई करने वाली टीम को 15 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया है; शक्ति मोहन अवस्थी, पुलिस अधीक्षक, महराजगंज