ट्रांसपोर्ट एंड क्लियरिंग एजेंट एसोसिएशन की हड़ताल से बृहस्पतिवार को मालवाहक गाड़ियां नेपाल नहीं गईं। मालवाहक गाड़ियाें के नहीं जाने से बॉर्डर पर गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई है। सोनौली में अत्यधिक ट्रकों के रुकने का जन जीवन पर भी असर पड़ा है। अनावश्यक जाम एवं नागरिकों का आवागमन भी अवरुद्ध हो गया है। जिसको लेकर ट्रांसपोर्ट एजेंट संघ ने कार्य ठप कर दिया है।
बृहस्पतिवार सुबह से ही ट्रांसपोर्ट एजेंट संघ ने जाम एवं वाहनों के सही ढंग से नेपाल प्रवेश को लेकर कार्य ठप कर दिया। देर शाम सोनौली कस्बे के एक लॉज में संघ की बैठक हुई। जिसमें कस्टम तथा एसएसबी के अधिकारियों को एक मांग पत्र दिया गया की जनहित में कम से कम 400 से 500 ट्रकों को क्रमवार निर्यात के लिए स्वीकृति प्रदान करें। जिससे सभी व्यापारियों का माल, सामान नेपाल जा सके। उनका कहना था कि जो गाड़ियां लाइन में खड़ी हैं। उन्हें न भेजकर दूसरी गाड़ियों को भेजा जा रहा है।
सोनौली ट्रांसपोर्ट एंड क्लियरिंग एजेंट संघ के अध्यक्ष आरके गुप्ता ने बताया की कस्टम तथा एसएसबी के अधिकारियों को मांग पत्र दिया गया है। जिसमें कस्टम अधिकारियों ने पांच सौ वाहनों को नेपाल जाने की अनुमति दी है। लेकिन एसएसबी अधिकारी वाहन नहीं छोड़ने पर अड़े हैं। बैठक में सभी ने निर्णय लिया है की वाहन पुलिस की मदद से लाइन से भेजा जाएगा। चौकी प्रभारी सोनौली भरत यादव ने बताया की खड़ी ट्रकों के आवागमन का परिचालन सुगम बनाने के लिए पीएसी लगायी गई है। लाइन से हटकर खड़े वाहनों को लाइन में लाग कर ही आगे भेजा जाएगा। उल्लंघन करने वालों पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।