गोरखपुर-महराजगंज मार्ग पर एक घंटे तक बाधित रहा आवागमन, सात लोगों पर केस दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
परतावल। बसहिया बुजुर्ग गांव के लोगों ने पुलिस पर एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाते हुए रविवार रात साढ़े नौ बजे गोरखपुर-महराजगंज मार्ग स्थित अमवा चौराहे पर जाम लगाकर धरने पर बैठ गए। सूचना पर पुलिस पहुंची। काफी कोशिश के बाद भी जब नाराज लोग नहीं माने तो पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कई लोगों को हिरासत में ले लिया। तब जाकर आवागमन सुचारू हुआ। जाम के कारण एक घंटे तक आवागमन बाधित रहा।
रीता देवी, बृजभान, सरिता, रामअवतार, संगीता ने बताया कि गांव बसहिया बुजुर्ग निवासी राम किशुन, रामसवारे व सम्हारु का ग्राम सभा की भूमि पर वर्षों से कब्जा है। चार दिन पहले रास्ते की बात को लेकर सम्हारू और रामसवारे के बीच मारपीट हो गई थी। इस मामले में दोनों पक्षों को पुलिस ने थाने बुलाया। इसके बाद प्रथम पक्ष के रामकिशुन, रामसवारे व जितेंद्र व दूसरे पक्ष के सम्हारू को शांति भंग की धारा में पाबंद कर दिया। दोनों पक्ष जमानत लेकर घर चले आए। जमानत मिलने की सूचना के बाद पुलिस ने प्रथम पक्ष के जितेंद्र को फिर से थाने बुलाकर शांति भंग की धारा में पाबंद करते कर दिया। कोर्ट ने जमानत को खारिज करते हुए उसे पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। जेल जाने की सूचना से नाराज परिजनों ने ग्रामीणों के साथ गोरखपुर महराजगंज मार्ग को जाम कर दिया।
थाना प्रभारी विजय राज सिंह ने बताया कि एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप निराधार है। सड़क जाम करने के मामले में अमरजीत, रणजीत, रामदरश, अमितबच्चन, रामसवारे, पिंटू, शिवपूजन के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।