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जलभराव से हर तरफ बढ़ीं दुश्वारियां

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जलभराव से हर तरफ बढ़ीं दुश्वारियां
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महराजगंज। लगातार बारिश से दुश्वारियां बढ़ गई हैं। खेतों में जलभराव के साथ सड़कें पानी में डूबी हैं। शहर से गांव तक लोगों जलभराव से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 24 घंटे में पूर्वांचल में सबसे ज्यादा महराजगंज में 160 एमएम बारिश हुई है।
सदर कोतवाली परिसर के मेस में पानी घुस गया। परिसर में जलभराव को दूर करने के लिए सर्विस लेन को काटने के साथ पंपिंग सेट लगाकर पानी निकाला जा रहा है। ऑफिसर्स कॉलोनी में भी यही हाल है। बस स्टेशन, आबकारी कार्यालय समेत अन्य स्थानों पर जलभराव को दूर करने की कोशिश की गई। सोहगीबरवा, शिकारपुर, भोथहा के चारों तरफ पानी लग गया है। शिकारपुर में भी कई जगह घर में पानी घुस गया। बारिश के कारण रोहुआ नाला व नारायणी का पानी चारों तरफ फैल गया है। सोहगीबरवा बिहार संपर्क मार्ग शिकारपुर से रोहुआ नाला तक चलने लायक नहीं है। रोजगार सेवक सोहगीबरवा प्रभुनाथ ने बताया कि नरायणी नदी में पानी बढ़ गया है। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि जिले में 160 एमएम बारिश हुई है। रविवार से मौसम सामान्य रहने की संभावना है। इसके पहले वर्ष 2002 में 102 एमएम बारिश हुई थी। ठूठीबारी प्रतिनिधि के अनुसार लगातार हो रही बारिश से दुर्गा मंदिर परिसर में पानी घुस गया। नौतनवां प्रतिनिधि के अनुसार बनैलिया माता मंदिर परिसर के साथ शहर के कई मोहल्ले में जलभराव हो गया है।
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बारिश से सब्जी एवं मेंथा की खेती को नुकसान
महराजगंज/निचलौल। जिले में बारिश ने किसानों को क्षति पहुंचाई है। सब्जी की खेती काफी प्रभावित हुई। नेनुआ, मिर्चा, तरोई, बोड़ा, भिंडी, बैगन, टमाटर आदि फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। मठिया इंदू के किसान वीरेंद्र चौरसिया ने बताया कि बारिश की वजह से सब्जी की खेती काफी प्रभावित हुई है। जिला कृषि अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि लंबे समय तक हुई बारिश ने किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया है। जिन खेतों में अभी नर्सरी डालनी है उनके लिए या बारिश लाभदायक है। निचलौल क्षेत्र के खोंहौली, सिधावे, हरदी, पचमा, जमुई, दमकी, रायपुर, लालपुर, जयश्री, बाली, गडौरा, ओबरी, मदनपुरा,रु द्ररौली, नक्शा बक्शा, सेखुई सहित कई गांवों में इस वर्ष मेंथा की खेती खूब की गई, लेकिन लगातार बारिश से किसानों की फसल बर्बाद हो चुकी है। खोंहौली गांव के राजकुमार ने बताया कि लगातार बारिश से मेंथा की फसल पानी में डूबने से खराब हो रही है।
‘जल्द खेतों से पानी को निकाल दें’
कृषि विज्ञान केंद्र बसूली के पूर्व कृषि वैज्ञानिक डॉ. रामलखन सिंह ने बताया कि पिछले दिनों जिले में ताऊते तूफान के असर से अच्छी बारिश हुई थी। दोबारा यास तूफान के चलते बारिश हो रही है। इसके चलते मेंथा की खेती सहित सब्जी और दलहन (उड़द, मूंग) की फसल 80 फीसदी बर्बाद हो सकती है। किसानों को चाहिए कि फसलों को बचाने के लिए जल्द खेतों से पानी को निकाल दें।
बारिश से गिरा खपरैल का मकान
नौतनवां। कस्बे के गांधीनगर वार्ड स्थित एक खपरैल का मकान शनिवार सुबह भरभरा कर गिर गया। मकान स्वामी जग नारायण जायसवाल ने बताया कि खपरैल का घर जर्जर अवस्था में था। वहां कोई रहता नहीं था।
गांव का मुख्य मांर्ग अवरूद्ध
भिटौली। क्षेत्र के ग्राम पंचायत धर्मपुर के टोला भैंसा में बारिश के कारण जलभराव हो गया है । जलजमाव के कारण गांव का मुख्य मार्ग अवरुद्ध है। लोकनाथ तिवारी, अंगद, उपेंद्र मिश्रा, संजय, रुदल, विनोद कन्नौजिया आदि का कहना है जलनिकासी की व्यवस्था नहीं रहने से यह समस्या हुई है।
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तुरकहिया गांव के पास बना पुल डूबा
निचलौल। नेपाल से भारत में बहने वाली चंदन नदी व उससे निकली भौरहिया नाला उफना गया है। माधव नगर तुरकहिया गांव के पास बना पुल डूब गया है। बंधे में कटान से पानी नाला से बहकर खेतों में पहुंच रहा है। ग्रामीण महेश, त्रिभुवन गुप्ता, संजय चौहान, जगदेव गुप्ता आदि ने बताया कि करीब 25 किसानों का धान का बेहन डूब गया है। नाला का पानी गांवों की तरफ बढ़ रहा है।
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