निचलौल। क्षेत्र के भारत नेपाल बाॅर्डर के करीब स्थित सुप्रसिद्ध पंचमुखी शिवमंदिर इटहिया में सावन में भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। आज 11 जुलाई से भव्य श्रावणी मेले की शुरुआत हो जाएगी। इसे लेकर प्रशासन और मंदिर समिति ने तैयारी पूरी कर ली है।
मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। शुक्रवार से बाबा को जलाभिषेक करने के लिए बैरिकेडिंग से होकर गुजरना पड़ेगा। श्रद्धालु सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में जलाभिषेक करेंगे। इस बार मेले को लेकर मंदिर समिति की ओर से व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं।
मंदिर में मुख्य पुजारी ध्यानचंद गिरी ने बताया कि सावन आते ही भोले बाबा के इटहिया नगरी की रौनक बढ़ जाती है, क्योंकि यहां प्रदेश के कई जिलों के साथ ही बिहार और नेपाल राष्ट्र से हजारों श्रद्धालु कांवर लेकर पहुंचते हैं।
उनके कदमों की थकान को ओम नमः शिवाय का जाप सुकून देता है, लेकिन, यही जाप व्यवस्था के शोर में दब जाए तो आस्था भी परेशान हो उठती है। इसलिए व्यवस्था ऐसी की गई है कि आम कतार में भी बाबा का ध्यान करते हुए सहज भाव से हर कांवरिया जलार्पण कर सकेंगे।
क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार सिंह ने बताया कि पंचमुखी शिवधाम इटहिया में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से मंदिर परिक्षेत्र के चारों तरफ सड़कों पर करीब नौ जगहों पर बैरियर लगाकर वाहनों को रोक दिया जाएगा।
भीड़ नियंत्रण को लेकर इटहिया शिव मंदिर से लमुहा तालाब तक तीन, शितलापुर मार्ग पर दो, रेंगहिया मार्ग पर दो तथा अमडी पुल मार्ग पर दो बैरियर लगाया गया था। वहीं श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दो थाना प्रभारी 20 पुरुष उपनिरीक्षक, चार महिला उपनिरीक्षक, 35 हेड कांस्टेबल, 85 कांस्टेबल, 20 महिला कांस्टेबल के साथ ही एक प्लाटून पीएसी तैनात रहेगी।
वहीं प्रत्येक सोमवार को मेला परिसर में नौ थाना प्रभारी व डेढ़ सौ अतिरिक्त फोर्स भी तैनात रहेगी।