महराजगंज। प्रस्तावित घुघली-महराजगंज-आनंदनगर नई रेल परियोजना की रफ्तार पर एनओसी का ब्रेक लग गया है। यह परियोजना जहां एक ओर जिले के लोगों को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। वहीं दूसरी ओर सिंचाई विभाग द्वितीय की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) न देकर पेंच फंसा दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, रेलवे विभाग की ओर से जिले में 52.70 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाने की योजना बनाई गई है, जो घुघली से शुरू होकर महराजगंज होते हुए आनंदनगर तक पहुंचेगी। इस परियोजना के तहत कुल 57 गांवों की करीब 194 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। रेलवे विभाग की ओर से इस परियोजना को चरणबद्ध ढंग से लागू किया जा रहा है।
पहले चरण में जिले के सदर तहसील क्षेत्र के 29 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और प्रभावित किसानों को मुआवजे का वितरण किया जा रहा है। विभाग की ओर से इस परियोजना के प्रथम चरण के तहत घुघली से महुअवा तक 24.8 किलोमीटर लंबी रेल लाइन निर्माण के लिए 429 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है।
इस चरण में कुल 36 पुलों का निर्माण प्रस्तावित है, जो रेलवे ट्रैक की संरचनात्मक मजबूती और आवागमन को निर्बाध बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन 36 प्रस्तावित पुलों में से छह पुल सिंचाई विभाग (द्वितीय) की भूमि पर स्थित ड्रेन और नालों के ऊपर बनने हैं।
इन पुलों के निर्माण के लिए रेलवे विभाग ने करीब डेढ़ वर्ष पहले अधिशासी अभियंता कार्यालय को अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के लिए पत्रावली भेजी थी, लेकिन आज तक विभाग की ओर से स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है।