महराजगंज। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महराजगंज की न्यायालय ने एक मामले में सुनवाई करते हुए ईरानी नागरिक याकूब वरदान को एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। वह भारतीय क्षेत्र से अवैध रूप से नेपाल में प्रवेश करने के दौरान सोनौली बार्डर पर पकड़ा गया था। उसपर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह मामला वर्ष 2024 का है, जब याकूब को भारत-नेपाल सीमा पर सोनौली थाना क्षेत्र में पकड़ा गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, याकूब वरदान, जो ईरान के हासिम गोरगान का निवासी है उसने छलपूर्वक और बिना उचित एमिग्रेशन प्रक्रिया के कूटरचित दस्तावेजों और एक्सपायर पासपोर्ट वीजा के आधार पर भारत-नेपाल सीमा पार करने की कोशिश की थी। सोनौली पुलिस ने गश्त के दौरान उसे संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर हिरासत में लिया। जांच में पता चला कि याकूब के पास मौजूद दस्तावेज फर्जी थे और उसका पासपोर्ट वीजा भी समाप्त हो चुका था।
इसके आधार पर उसके खिलाफ सोनौली थाने में भारतीय दंड संहिता और विदेशी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की न्यायालय में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पुख्ता सबूत और गवाह पेश किए।