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Maharajganj News: एलोपैथ और आयुर्वेद विभाग के बीच उलझी जांच, लीपापोती की आशंका

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परतावल में 10 माह की मासूम की बच्ची की मौत का मामला
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सीएमओ को सौंपी जा चुकी है जांच रिपोर्ट
परतावल। श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के परतावल में बुधवार को 10 माह की मासूम बच्ची की मौत का मामला जांच में उलझता जा रहा है। मामला एलोपैथ और आयुर्वेद विभाग के बीच जिम्मेदारी तय न होने के कारण अटक गया है। यही वजह है कि अब तक न तो क्लीनिक को सील किया गया है और न ही संबंधित विभाग की ओर से कोई प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
प्राइवेट अस्पतालों के नोडल अधिकारी विरेन्द्र आर्या का कहना है कि जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी गई है। आगे की कार्रवाई के लिए आयुर्वेद विभाग को पत्र भेजा गया है। उन्होंने बताया कि संबंधित चिकित्सक ने आयुर्वेद विभाग में पंजीकरण कराया है, इसलिए कार्रवाई भी उसी विभाग के स्तर से होनी है। वहीं आयुर्वेद विभाग के अधिकारी हरेंद्र ने इस संबंध में अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि उन्हें अभी तक कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। इससे जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं और लीपापोती की आशंका भी जताई जा रही है।
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उधर नोडल अधिकारी के प्रतिनिधि आदित्य पांडेय, सीएचसी परतावल के अधीक्षक डॉ. अनिल जायसवाल और कर्मचारी संजीव सिंह ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी जुटाई। टीम कथित चिकित्सक के क्लीनिक पर भी पहुंची लेकिन वहां ताला बंद मिला। क्लीनिक के बाहर लगे बोर्ड पर बीएएमएस और पंजीकरण संख्या अंकित मिला, जिससे मामला आयुर्वेद विभाग से जुड़ा माना जा रहा है।
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यह है मामला

मऊ जनपद के मधुबन थाना क्षेत्र के परासी नरहल गांव निवासी प्रदीप कुमार की 10 माह की बेटी की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। परिजन उसे इलाज के लिए परतावल स्थित संजय सिंह के पास ले गए। आरोप है कि गलत उपचार के कारण बच्ची की हालत और गंभीर हो गई। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे दूसरे अस्पताल ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिजनों ने आरोपी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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