माध्यमिक विद्यालयों को देना होगा भवनों के जर्जर न होने का प्रमाण
गाजियाबाद जिले में दीवार गिरने की हुई घटना के बाद शासन गंभीर
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भी पत्र भेजकर जिम्मेदारों से मांगा प्रमाणपत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। मुरादनगर में दीवार गिरने से हुई घटना के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग ने जिले के सभी राजकीय, शासकीय सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय तथा संस्कृत माध्यमिक व महाविद्यालय के जिम्मेदारों को पत्र भेजकर जर्जर व क्षतिग्रस्त न होने का प्रमाण मांगा है।
मुरादनगर में श्मशान घाट पर शेड की दीवार गिरने से हुई घटना से बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे, जिसे गंभीरता से लेते हुए शासन ने विभागीय जिम्मेदारों को इस संबंध में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विशेष दिशानिर्देश भी जारी किए। शासन से मिले दिशा निर्देश के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग ने विद्यालयों के जिम्मेदारों को पत्र भेजकर कहा है कि वे जर्जर व क्षतिग्रस्त भवनों को चिह्नित कर निष्प्रयोज्य घोषित करें। उसमें किसी प्रकार के पठन-पाठन तथा आवागमन पर पूर्णत: रोक लगा दें। अन्यथा कि स्थिति में किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने पर विद्यालय के प्रधानाचार्य सीधे तौर पर जिम्मेदार माने जाएंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि जर्जर व क्षतिग्रस्त विद्यालयों में किसी प्रकार की शैक्षिक गतिविधियों व आवागमन का संचालन न कराया जाए। निर्देशों की अवहेलना व अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
जेईई के लिए 16 तक करें आवेदन
जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि वर्ष 2021 में उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय द्वारा प्रवेश परीक्षा नहीं कराई जाएगी। जेईई 2021 में सम्मिलित परीक्षार्थियों को ही गुणांक व मेरिट सूची के आधार पर उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय में प्रवेश पाने का अवसर दिया जाएगा। ऐसे मेें प्रवेश के इच्छुक कक्षा 12 के सभी विद्यार्थी 16 जनवरी तक अपना आवेदन किया जाना सुनिश्चित करें। विद्यालयों के प्रधानाचार्य नियमित रूप से इसे विद्यार्थियों को अवगत कराना सुनिश्चित करें।