महराजगंज। जिलाधिकारी अनुनय झा की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कलक्ट्रेट सभागार में हुई। जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना, आयुष्मान योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, आयुष्मान भारत, संस्थागत प्रसव सहित स्वास्थ्य विभाग कर ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई।
एसीएमओ डॉ. प्रदीप कुमार के बैठक में बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए डीएम ने उनका वेतन बाधित करने का निर्देश दिया।
डीएम ने संस्थागत प्रसव की समीक्षा करते हुए जिला अस्पताल में तैनात डॉ. सुप्रिया पांडेय की ओर से सी-सेक्शन में संतोषजनक प्रदर्शन न होने पर उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए जिम्मेदारों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि जिन सात एएनएम का स्थानांतरण हुआ है, वे सभी तत्काल नवीन तैनाती स्थल पर अपनी आख्या प्रस्तुत करें, अन्यथा उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सूचित किया जाए। उन्होंने रात्रि ड्यूटी में शिथिलता को लेकर कड़ा निर्देश देते हुए डॉ. एमपी कुशवाहा को मुख्यालय में रात्रि निवास करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी कुष्ठ सहित गैर संचारी रोगों की समीक्षा करते हुए दोनों रोगों के उन्मूलन के लिए किए गए व्यय का विवरण प्रस्तुत करने के लिए जिला कुष्ठ रोग अधिकारी को निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने एनआरसी की समीक्षा करते हुए प्रत्येक ब्लॉक से आरबीएसके और आशाओं की ओर से भर्ती कराए गए बच्चों और उनके स्वास्थ्य का विवरण प्रस्तुत करने के लिए कहा। जिलाधिकारी ने एंबुलेंस सेवा का ऑडिट कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्साधीक्षकों को अपने मोबाइल में ई-कवच एप डाउनलोड कर नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रति ब्लॉक 2500 आयुष्मान कार्ड का निर्माण प्रत्येक माह कराया जाए। साथ ही जिन स्वास्थ्य उपकेंद्रों का निर्माण अभी अधूरा है, संबंधित प्रभारी चिकित्साधीक्षक फोटो सहित आख्या लेकर 29 अक्तूबर को नोडल अधिकारी निर्माण कार्य के साथ कार्यालय में उपस्थित हों।
जिलाधिकारी ने डीपीआरओ को संचारी रोगों के उन्मूलन के लिए स्वच्छता संबंधी सभी मानकों को संतृप्त करने के लिए निर्देशित किया।