1136 ग्राम पंचायतों और 11 नगर निकायों में चलेगा विशेष अभियान
सिद्धार्थनगर। गिरते भूजल स्तर को रोकने और वर्षा जल संचयन को लेकर भूजल सप्ताह के तहत सात दिवसीय 16 से 22 जुलाई तक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प..., थीम पर केंद्रित यह अभियान जिले के 1136 ग्राम पंचायतों और 11 नगर निकायों में संचालित होगा। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने सभी विभागाध्यक्षों को भेजे पत्र में वाटर रिचार्ज, तालाब-पोखरों के संरक्षण और वर्षा जल संचयन पर फोकस करते हुए अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
शासन के अनुसार, प्रदेश में 70 प्रतिशत सिंचाई भूजल संसाधनों पर निर्भर है। पेयजल सेक्टर की लगभग 80 फीसदी और औद्योगिक क्षेत्र की लगभग 85 फीसदी आवश्यकताओं की पूर्ति भी भूजल स्रोतों से ही की जाती है। इस प्रकार कृषि, सिंचाई, पेयजल और उद्योगों में आवश्यक जल की आपूर्ति में भूजल पर अत्यधिक निर्भरता ने कई क्षेत्रों में अत्यधिक दोहन की स्थिति उत्पन्न कर दी है। इससे ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र में भूजल स्तर में गिरावट हुई है। प्रदेश सरकार की ओर से भूजल सप्ताह के तहत सात दिवसीय अभियान चलाते हुए लोगों को भूजल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। भूजल सप्ताह के तहत 16 और 17 जुलाई को ग्राम पंचायत स्तर पर, 18 और 19 जुलाई को ब्लॉक स्तर पर, 20 व 21 जुलाई को नगर निकायों में और 22 जुलाई को जनपद स्तर पर अभियान चलाया जाएगा।
अभियात के तहत पहले दिन ग्राम पंचायतों में श्रमदान करते हुए वॉटर बॉडी जैसे तालाब और पोखरों का पुनरुद्धार किया जाएगा। दूसरे दिन जलजनित रोगों से बचाव के लिए पाइप पेयजल के उपयोग के प्रति जागरूक समेत अन्य कार्यक्रम होंगे। इसके बाद स्कूली बच्चों को रैली, जल संरक्षण के संदेश वाले स्लोगन को चित्रित करना भी रहेगा। इसके अलावा पौधरोपण करने समेत छतों सार्वजनिक भवनों, कुंआ, तालाब आदि चिह्नित कर वर्षा जल संचयन की कार्ययोजना बनाकर कार्य करना भी शामिल होगा। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कहा कि शासन से मिले निर्देशों के तहत गिरते भूजल स्तर को रोकने के लिए सात दिवसीय अभियान में लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।