नेपाल सीमा से वापस हुईं भारतीय पर्यटकों की बसें
सोनौली (महराजगंज)। दो विदेशी नागरिकों में ओमिक्रॉन संक्रमण की पुष्टि के बाद नेपाल सरकार ने भारतीय सीमा पर सख्ती शुरू कर दी है। बुधवार की दोपहर नेपाल प्रशासन ने आईटीपीसीआर की मांग करते हुए भारतीय पर्यटकों से भरी छह बसों को सीमा से लौटा दिया। नेपाल प्रशासन ने प्रवेश के लिए कोरोना जांच रिपोर्ट को अनिवार्य कर दिया है।
रूपनदेही जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में कोविड-19 के नए स्वरूप के संक्रमण को रोकने के लिए उच्च सतर्कता बरती जा रही है। सहायक मुख्य जिला अधिकारी विश्वराज मरासिनी ने बताया कि मुख्य जिला अधिकारी ऋषि राम तिवारी की अध्यक्षता में हुई कोविड -19 संकट प्रबंधन समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बेलहिया सीमा सहित जिले की विभिन्न अन्य चौकियों पर उच्च सतर्कता बरती जाए।
बेलाहिया के रास्ते भारत सहित अन्य देशों से पर्यटक नेपाल में प्रवेश करते हैं। ऐसे में उनका आईटीपीसीआर रिपोर्ट आवश्यक है। स्वास्थ्य कार्यालय के प्रमुख राजेंद्र गिरी ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में मास्क और सैनिटाइजर के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कही गई है।
भारतीय सीमा में लापरवाही, डॉक्टर नदारद
बुधवार की दोपहर महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और राजस्थान की भारतीय पर्यटकों से भरी छह बसें नेपाल प्रशासन ने बेलहिया सीमा से वापस कर दिया। इसके साथ ही दूसरे राज्यों से पैदल नेपाल जाने वाले पर्यटकों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। नेपाल से आने वाले यात्रियों के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लगाए गए दो डॉक्टर अपनी ड्यूटी से नदारद रहे। करीब तीन बजे सोनौली स्थित चेकपोस्ट पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए गए दोनों कर्मी ड्यूटी पर नहीं मिले। डीएम रूपनदेही ऋषि राम तिवारी ने बताया कि ओमीक्रॉन को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय और उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सीमा पर कड़ाई की गई है। चौकी प्रभारी सोनौली स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि कुछ भारतीय बसों के यात्रियों और चालकों से आरटीपीसीआर रिपोर्ट मांगी गई है। नहीं मिलने पर यात्रियों सहित बसों को वापस किया गया है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि दो स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी सोनौली सीमा पर लगाई गई है। ड्यूटी पर नहीं होने के मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
पंद्रह दिन पहले यह हुआ था समझौता
पंद्रह दिन पहले भारत और नेपाल में एक समझौता हुआ था, जिसमे दोनों देशों ने वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके नागरिकों को प्रवेश की अनुमति देने का फैसला लिया था। उसके बाद नेपाली प्रशासन ने अचानक भारतीय पर्यटकों को सीमा से लौटा दिया। इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई। सिद्धार्थ होटल एसोसिएशन भैरहवा के अध्यक्ष सीपी श्रेष्ठ ने बताया कि भारतीय पर्यटकों को बिना पूर्व सूचना के वापस किया जाना गलत है। इसकी जानकारी प्रशासन को पहले देनी चाहिए। इनसे नेपाल के पर्यटन को भी क्षति पहुंचेगी।