महराजगंज। भारत-नेपाल मैत्री बस में पर्यटकों की आड़ में यात्रियों के साथ अब समान को भी पहुंचाया जा रहा है। नियम कानून से इतर यात्रियों को कहीं से भी बैठा लिया जाता है।
कार्गो सेवा के नाम पर दिल्ली से अवैध और प्रतिबंधित अंग्रेजी शराब कपड़े को बॉर्डर तक पहुंचाई जा रही है। जबकि नियमानुसार जिस पर्यटक को ले जाना है, उनको सूचीबद्ध करना रहता है। सूत्रों की माने तो बुधवार को 90 बोतल अंग्रेजी शराब उक्त काठमांडो से दिल्ली चलने वाली बस से लाया गया था। इसकी जांच रास्ते में नहीं होती है।
तस्करी का सामान आसानी से गंतव्य तक पहुंच जाता है। सीमावर्ती इलाकों में टूरिस्ट परमिट की आड़ में बसे सवारी ले जा रहे हैं। इस पर कार्रवाई भी हो चुकी है लेकिन अंकुश नहीं लग पा रहा है। बसें काठमांडों वाया सोनौली से दिल्ली जाने वाली पर्यटक बसें हैं। टूरिस्ट परमिट की आड़ में यह बसें धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं। इधर से सवारी और दिल्ली से सामान ढोने का काम कर रहीं हैं।
भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा के नाम पर परिवहन विभाग को चूना लगाया जा रहा है। 20 से अधिक अवैध बसें सवारियां ढो रहीं हैं, लेकिन जिम्मेदारों को इससे कोई मतलब नहीं है। परमिट समाप्त होने के बाद झांसा देने के लिए बस पर भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा लिखवा दिया जाता है। इससे पर्यटक झांसे में आ जाते हैं, जबकि ये बसें अधिकृत नहीं होती हैं।
अधिकृत बसों में सभी यात्री सूचीबद्ध होते हैं। बीच में यात्रियों को बैठने की अनुमति नहीं होती है। नेपाल एवं भारत सरकार ने यात्रियों को भारत से नेपाल और नेपाल से भारत ले जाने के लिए सिर्फ 12 बसों को अनुमति दी है।