तकरार के बीच सक्सेना चौराहे के आसपास के भवन ध्वस्त
पुलिस को करना पड़ा हल्का बल प्रयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। सड़क चौड़ीकरण में आड़े आ रहे भवनों को ध्वस्त कराने के लिए पुलिस को शुक्रवार को हल्के बल प्रयोग का सहारा लेना पड़ा। सक्सेना चौक के आसपास प्रशासन ने लोगों से तकरार व नोकझोंक के बीच पोकलेन मशीन चलवाकर अतिक्रमण के दायरे में आए कई भवनों को ध्वस्त करा दिया। इस बीच पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा।
शुक्रवार को एडीएम कुंज बिहारी अग्रवाल, एएसपी आशुतोष शुक्ल, एसडीएम देवेंद्र कुमार व सत्यम मिश्रा, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राजेश जायसवाल, पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र कुमार व रणविजय सिंह के साथ आधा दर्जन थानों की पुलिस व पीएसी के जवान सक्सेना चौक पहुंचे। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले भवनों को ध्वस्त करा दिया गया। ध्वस्तीकरण के दौरान भवन स्वामियों व अधिकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। प्रशासन ने किसी की बात नहीं सुनी व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को पूरा कराया। सक्सेना चौक के पास भवन गिराए जाने की कार्रवाई के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग 730 पर आवागमन कुछ देर के लिए रोक दिया गया था। ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। अग्निशमन विभाग के वाहन को बीच सड़क में खड़ा कर रास्ते को अवरुद्ध करा दिया गया। इसके चलते राष्ट्रीय राजमार्ग पर ध्वस्तीकरण के दौरान वाहनों की लंबी कतार लग गई। भवन गिराए जाने के दौरान अंदर मौजूद महिलाओं को पहले बाहर निकाल दिया गया था। ध्वस्तीकरण के दौरान सक्सेना चौक पर तमाम लोगों की भीड़ जुटी रही।
एडीएम कुंज बिहारी अग्रवाल ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण में बाधा बन रहे मकानों को नियमानुसार ध्वस्त कराया गया। तमाम लोगों ने स्वयं ही मकानों को तोड़कर सड़क निर्माण में सहयोग किया है।
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भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को छूटे पसीने
सक्सेना चौक पर कार्रवाई के दौरान जुड़ी भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को पसीने छूट गए। कई बार भीड़ बढ़ने पर पुलिस को जगह खाली कराने के लिए लोगों को दौड़ाना भी पड़ा। भवन गिराए जाने के दौरान भवन स्वामियों एवं पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हुई। हालांकि अधिकारियों की सख्ती की वजह से किसी की एक न चली।