जलस्तर बढ़ा, 189 किमी बंधे की चौकसी कड़ी
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महराजगंज। जिले से होकर गुजरने वाली सभी नदियों के जल स्तर में वृद्धि देख आसपास के गांवों के लोगों को चिंता सताने लगी है। आसपास रहने वाले ग्रामीणों को यह चिंता भी सता रही है कि जिले के कुल 189 किमी. लंबे बांधों में से कुछ की स्थिति काफी खराब है, ऐसे में कहीं जलस्तर में वृद्धि से बंधे न टूट जाएं। बंधे टूट जाने से तबाही हो सकती है।
उधर, जर्जर बंधों की सुरक्षा के प्रति जिला प्रशासन भी सतर्क है। बंधों की निगरानी के लिए तैनात किए गए कर्मचारियों को लगातार पेट्रोलिंग करने को कहा गया है। वहीं, बाढ़ से बचाव को लेकर भी व्यवस्था की जा रही है।नेेपाल के बी गैप, रोहिन, राप्ती के साथ ही महाव का किनारा संवेदनशील माना जाता है। गंडक नदी के पूर्वी तट पर बिहार के पश्चिमी चंपारण क्षेत्र के चकदहवां बांध तथा महराजगंज जिले के घोघी नदी पर बने बांध पर हो रहे कटान के प्रति प्रशासन सतर्क है। इसी के साथ जिले में करीब 189 किमी. लंबे 23 बंधों पर भी प्रशासन व सिंचाई विभाग की पैनी नजर है। सभी बंधों की निगरानी के लिए सिंचाई विभाग के अलावा अन्य विभागों के कर्मचारियों को भी लगाया गया है। इसी प्रकार बाढ़ से बचाव के लिए जिले भर में कुल 26 बाढ़ चौकियां स्थापित कर वहां भी 185 कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। सिंचाई विभाग के बाढ़ कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार जिले में प्रवाहित होने वाली सभी नदियों का जल स्तर रविवार को बढ़ गया। जिससे नदियों में उफान आने लगा है। गंडक नदी का जल स्तर जहां रविवार को बढ़कर 353.60 फीट हो गया। वहीं, महाव नदी खतरे के निशान से ऊपर 5.50 फीट पर बह रही है। चंदन नदी का जल स्तर 100.60 मीटर और प्यास नदी का 102.20 मीटर हो गया है। राप्ती नदी का जलस्तर 24 घंटे में बढ़कर 78.18 से 78.53 मीटर पर पहुंच गया है। रोहिन नदी भी 78.78 मीटर पर बह रही है। एसडीएम सदर सत्यम मिश्रा ने बताया कि रविवार को तहसील क्षेत्र में स्थापित सिंचाई डाक बंगला मुजुरी, लक्ष्मीपुर, जूनियर हाई स्कूल डोमरा, बाढ़ चौकी चेहरी, प्राथमिक विद्यालय चौपरियां, प्राथमिक विद्यालय बागापार, बाढ़ चौकी विकास खंड घुघली पर फोन कर विभिन्न नदियों व बंधों का जायजा लिया गया।