जलभराव से बढ़ी दुश्वारियां, बाहर रखा गेहूं भीगा
महराजगंज। चक्रवाती तूफान ताउ ते के चलते जिले में तीन दिनों से बादल छाए हैं। बुधवार सुबह से शाम तक रुक रुककर बारिश होती रही। रात करीब साढ़े नौ बजे से हल्की हवा के साथ बारिश तेज हो गई, जो बृहस्पतिवार की शाम तक मूसलाधार बारिश में तब्दील हो गई। इससे गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन जलभराव लोगों के लिए मुसीबत बनी गई है।
नवीन मंडी स्थल परतावल के क्रय केंद्र पर बारिश में करीब 100 बोरी गेहूं भीग गया। डिप्टी आरएमओ अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि मंडी शेड के बाहर जो बोरिया हैं, वह किसानों ने स्वयं त्रिपाल लगाकर रखा है। बारिश के कारण तौल रुका है। क्रय किए गए अनाज को सुरक्षित रखा गया है।
उधर, शहर में राजीवनगर, बस स्टेशन परिसर, सदर कोतवाली परिसर में जलभराव से लोगों को परेशानी हुई। कॉलेज रोड पर करीब 10 से अधिक दुकानों में पानी घुस गया। सरोजनी नगर में आंबेडकर पार्क की ओर से जाने वाली सड़क पर पानी भरा है। जिला अस्पताल परिसर के ओपीडी गेट पर भी जलभराव है। शहर में हाईवे के सर्विस लेन पर जगह-जगह जलभराव है। नगर पालिका अध्यक्ष कृष्ण गोपाल जायसवाल ने बताया कि जलनिकासी का समुचित प्रबंध है। बारिश बंद होते ही जलभराव समाप्त हो जाएगा।
मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने कहा कि पिछले दिनों गुजरात में चक्रवाती तूफान ताउते ने जो असर दिखाया है, उसी का असर राजस्थान होते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक आ पहुंचा है।
सब्जी को नुकसान, गन्ने को फायदा
कृषि विज्ञान केंद्र बसूली के वैज्ञानिक डॉ. बी चंद्रन ने बताया कि चक्रवाती तूफान ताउते के असर से क्षेत्र में हुई बारिश के चलते मेंथा, केला और सब्जी की फसल को नुकसान पहुंचने की संभावना है। अगेती खेती के लिए लगी धान की नर्सरी को भी 40 फीसदी तक नुकसान हो सकती है। गन्ने की फसल के लिए बारिश फायदेमंद है।
कस्बे के साथ देहात में भी जलभराव
निचलौल। लगातार तेज बारिश के चलते नगर पंचायत के कस्बों से लेकर ग्रामीण इलाकों में भी जलभराव हो गया है। इसके चलते लोगों को परेशानी हुई। नगर पंचायत के घोड़हवा वार्ड के चौक चौराहे, मेन मार्केट के सिनेमा मार्ग, मियां मोहल्ला, महाशय वार्ड, तहसील परिसर और ब्लॉक परिसर में जलभराव हो गया। ग्रामीण क्षेत्र के जयश्री, हरदी, लालपुर, रायपुर, ओबरी, बनकटवा, कोहड़वल, रौतार सहित अन्य गांवों की सड़कों पर जलभराव की स्थित बनी रही।
तालाब जैसी दिखने लगी सड़क
मिठौरा। क्षेत्र के सिंदुरिया-झंझनपुर मार्ग की हालत सुधरने वाली नहीं है। सड़क पर जगह-जगह गड्डे हैं। बरसात के मौसम की बात कौन करे, यहां साल के बारह महीने सड़क पर जलभराव की स्थिति बनी रहती है। बुधवार रात से बारिश होने के कारण सड़क तालाब जैसा लग रहा है। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई।
बारिश के कारण कस्बे रहा सन्नाटा
नौतनवां। स्थानीय कस्बे में बृहस्पतिवार की सुबह हुई मूसलाधार बारिश के कारण कोरोना कर्फ्यू में छूट के दौरान भी बाजार में कोई खास चहल-पहल देखने को नहीं मिली। लोग सड़कों पर न के बराबर आते-जाते दिखे। पूरे शहर में सन्नाटा पसरा रहा।