- जलभराव से अस्पताल पहुंचना भी मुश्किल, सोहगीबरवा सीएचसी में एक डॉक्टर और तीन एएनएम के भरोसे स्वास्थ्य व्यवस्था
निचलौल। बाढ़ प्रभावित गांवों में जलभराव के बीच वायरल फीवर जैसे लक्षण वाले मरीज बढ़ने लगे हैं। कई घरों में लोग बुखार से पीड़ित हैं। वहीं, आवागमन प्रभावित होने से मरीजों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचने में भी दिक्कत हो रही है। सोहगीबरवा सीएचसी में एक महिला चिकित्सक और तीन एएनएम के भरोसे 20 हजार से अधिक आबादी की स्वास्थ्य सेवाएं संचालित हो रही हैं।
बाढ़ के कारण गांवों में पानी जमा है और लोगों की आवाजाही सीमित हो गई है। ऐसे में बुखार समेत अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी वाले मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रभावित क्षेत्र में बीमारी फैलने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाने की तैयारी की है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार रविवार को टीम प्रभावित गांवों में पहुंचेगी। इस दौरान लोगों की स्वास्थ्य जांच करने के साथ बुखार और अन्य लक्षणों वाले मरीजों की स्थिति देखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर उन्हें उपचार और दवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। विभाग का दावा है कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रखने के लिए टीम को सक्रिय किया गया है।