दो साल में ही सड़कें हो गईं खस्ताहाल
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महराजगंज। जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कें भी बदहाल हो गई हैं। यह स्थिति तब है जबकि इस योजना के तहत बनीं 17 सड़कें दो साल पहले बनी हैं और अभी अनुरक्षण की अवधि में हैं। अनुरक्षण की राशि ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के पास उपलब्ध होने के बाद भी खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत का काम नहीं हो रहा है। इसके चलते संबंधित मार्गों से आने जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जिले में कई सड़कें करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई थीं। इसमें से 17 सड़कें इस योजना के तहत दो साल पहले बनाई गई हैं। इसके बावजूद इस योजना के तहत बनीं सड़कें खस्ताहाल हो गई हैं। सड़कों की ज्यादा खराब स्थिति बीते साल अगस्त माह में आई बाढ़ के चलते हुई है। बाढ़ के दौरान सड़कों पर पानी भर गया था। जिससे गिट्टियां उखड़ गईं और कई जगह छोटे - बड़े गड्ढे हो गए। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस योजना के तहत बनीं सड़कों की मरम्मत की जिम्मेदारी पांच साल तक कार्यदायी संस्था को निभानी पड़ती है जबकि कार्यदायी संस्था की हालत यह है कि क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के प्रति गंभीर ही नहीं है। क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के संबंध में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता आरएन सोनकर का कहना है कि होली के बाद सड़कों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा। मरम्मत कार्य के प्रति विभाग गंभीर है।