स्टाम्प की कमी के कारण लंबित वादों को त्वरित निस्तारण शुरू हो गया है। इसके लिए शासन स्तर से संचालित समाधान योजना 28 फरवरी तक चलेगा। एक नवंबर से लागू योजना में 15 मामले सहायक आयुक्त ने निस्तारित किया है।
सहायक आयुक्त स्टाम्प मनोज शुक्ला ने बताया कि जिले में ऐसे लगभग पांच सौ वाद लंबित हैं। रजिस्ट्री कराने में स्टाम्प चोरी के मामले प्रकाश में आने पर मुकदमा दायर कर संबंधित से अवशेष स्टाम्प की वसूली किए जाने का नियम है। अर्थदंड की रकम अधिक होने से वादी अदा नहीं कर पाते हैं।
प्रदेश शासन ऐसे मामलों को निस्तारित करने के लिए अधिनियम में शिथिलता देते हुए अर्थदंड मात्र दस रुपये कर दिया है। अवशेष स्टाम्प की राशि बैंक के चालान के माध्यम से जमा करके वह मुकदमे से छुटकारा पा सकता है। बताया कि उन्हें प्रार्थना पत्र दे सकता है जिस पर विचार करते हुए उसे स्टांप की अवशेष धनराशि बताई जाएगी।
जिसका चालान के माध्यम से वह बैंक में जमा कर सकता है। ऐसे 50 मामले डीएम तथा 100 मामले एडीएम न्यायालय में विचारधीन हैं। 350 मामले उनके न्यायालय में हैं। वादी प्रार्थना पत्र सादे कागज पर दे सकता है।